बजट 2025: अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज पर जीएसटी में राहत की उम्मीद: प्रदीप गुप्ता

गाजियाबाद। नए साल की शुरुआत के साथ आगामी आम बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश के सामने बजट प्रस्तुत करेंगी। बताएंगी कि सरकार ने कहां से पैसा निकालने और कहां पर खर्च करने की योजना बनाई है। बजट से पहले ग्रोथ का हर सेक्टर सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है। खासकर रियल एस्टेट सेक्टर, इस सेक्टर से जुड़े लोगों को इस बार बड़े सुधारों की उम्मीद है। इस बजट पर काफी कुछ निर्भर करेगा कि लोग घर खरीदेंगे या इंतजार करना पसंद करेंगे। वहीं व्यापारी एकता समिति संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता का कहना है कि रियल एस्टेट देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसे ‘इंडस्ट्री का दर्जा देने से क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। हमें उम्मीद है कि आगामी बजट रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करने के लिए प्रगतिशील एवं ठोस कदम उठाएगा। इसका कारण है कि रियल स्टेट सेक्टर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। हमारे मुताबिक इस बजट में निर्माणाधीन प्रॉपर्टीज पर जीएसटी में राहत मिलनी चाहिए। घर खरीदारों के लिए टैक्स लाभ बढ़ाने और किफायती आवास योजनाओं के लिए फंड बढ़ाने जैसे उपाय मांग और निवेश को प्रोत्साहित करेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और ग्रीन कंस्ट्रक्शन को समर्थन देने पर विशेष ध्यान देने से डेवलपर्स और खरीदारों दोनों को फायदा होगा। हमारा मानना है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने और निर्माण सामग्री व इंटीरियर डिजाइन जैसे सहयोगी क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की पहल से रियल स्टेट सेक्टर के विकास को पंख लगेगा। एक संतुलित और विकासोन्मुख बजट रियल स्टेट सेक्टर की वास्तविक क्षमता को जमीन पर साकार कर सकता है। उन्होंने बताया आगामी बजट से हमें उम्मीद है कि ये रियल एस्टेट सेक्टर, खासकर लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट और इससे जुड़े उद्योगों को मजबूती देगा।

जीएसटी को सरल बनाना, होम बायर्स के लिए टैक्स लाभ बढ़ाना और किफायती व मिड-सेगमेंट हाउसिंग को प्रोत्साहन देना सभी श्रेणियों में मांग को बढ़ा सकता है। लग्जरी हाउसिंग मार्केट जो बदलती खरीदारों की प्राथमिकताओं से प्रेरित है, को स्टाम्प ड्यूटी कम करने और फाइनेंसिंग आसान बनाने जैसी पहल से लाभ होगा। इसके अलावा निर्माण सामग्री, इंटीरियर और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन जैसे सहयोगी क्षेत्रों को समर्थन देना पूरे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर डालेगा. हमें उम्मीद है कि बजट इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सेक्टर की ग्रोथ को गति देगा।