कलेक्ट्रेट के सभी दफ्तरों में जल्द लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, होगी निगरानी

-डीएम ने कहा सीसीटीवी कैमरे लगने से कार्यों में आएगी तेजी और पारदर्शिता

उदय भूमि
गाजियाबाद। जिला मुख्यालय यानि कि कलेक्ट्रेट के सभी सरकारी दफ्तर जल्द ही सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगे। इन दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों से लेकर वहां आने वाले फरियादियों तक पर नजर रखी जाएगी। खास बात यह है कि इन सभी दफ्तरों की निगरानी जिलाधिकारी और एडीएम स्तर से की जाएगी। कैमरे लगाने के लिए जिला मुख्यालय में सर्वे शुरू हो गया हैं। कलेक्ट्रेट को जल्द ही ई-ऑफिस में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी दीपक मीणा पहले ही ई-ऑफिस की जल्द शुरुआत करने की बात कह चुके हैं। इसके तहत हर विभाग की टेबल पर वाई-फाई का कनेक्शन होगा। सभी ऑफिस पूरी तरह से कागज मुक्त होंगे और अधिकारी अपनी टेबल पर रखें कंप्यूटर के जरिए ही काम करेंगे। इसी कड़ी में पूरे ऑफिस को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय में 100 से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए हर अधिकारी के दफ्तर में काम कर रहे कर्मचारी पर नजर रहेगी। साथ ही इन ऑफिस में आने वाले फरियादियों की निगरानी होती रहेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता आ सकेगी। किसी भी फरियादी के जिला मुख्यालय में प्रवेश करने और वह किस-किस दफ्तर में पहुंचा और कब वापस निकला। इसकी पूरी मॉनिटरिंग लगातार होती रहेगी। कोई भी व्यक्ति अधिकारी से बिना वजह शिकायत नहीं कर पाएगा। अक्सर जिला मुख्यालय में आने वाले फरियादी अधिकारियों से शिकायत करते हैं कि दफ्तर में कर्मचारी सीट पर नहीं मिलते हैं। वह लगातार चक्कर काटते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कर्मचारी अपनी सीट पर हैं या नहीं। ऐसे में फरियादी भी अधिकारियों से झूठ नहीं बोल सकेंगे। भ्रष्टाचार पर लग सकेगा अंकुश:कलेक्ट्रेट में पहुंचने पर फरियादी शिकायत करते हैं कि कर्मचारी काम करने की एवज में खुलेआम रिश्वत मांगते हैं।

ऐसे में सीसीटीवी कैमरे होने पर इस आरोप पर भी अंकुश लग सकेगा। कर्मचारी फरियादियों के बीच भ्रष्टाचार को लेकर लगने वाले आरोपों पर भी अंकुश लग सकेगा। बताया गया है कि सभी सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग जिलाधिकारी और एडीएम करते रहेंगे। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि जिला मुख्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद कार्य करने में तेजी आएगी और पारदर्शिता से काम होंगे। इससे कर्मचारियों से लेकर फरियादियों पर निगरानी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बिना वजह के आरोप प्रत्यारोप पर भी अंकुश लग सकेगा।