-महापौर सुनीता दयाल ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर शहरवासियों को दी शुभकामनाएं, गौवंश की सेवा और संरक्षण का किया आह्वान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार एवं शासन के निर्देशन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को नगर निगम गाजियाबाद की नंदनी गौशाला, राजनगर एक्सटेंशन में महापौर सुनीता दयाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गौमाता की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महापौर ने आरती की, तिलक लगाया, माला पहनाई, चादर उढ़ाई और गुड़-चारा खिलाकर परंपरागत रीति से पूजन किया। पूजा-अर्चना के उपरांत महापौर ने उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं स्कूली बच्चों को प्रसाद वितरित किया और शहरवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गौवंश का संरक्षण और सेवा हमारे धर्म, संस्कृति और समाज की जिम्मेदारी है।
महापौर सुनीता दयाल ने शहरवासियों से अपील की कि वे गौवंशों और अन्य जानवरों को सड़कों पर लावारिस न छोड़ें। उन्होंने कहा कि यह न केवल अमानवीय है बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है। गौवंश को अनाथ छोडऩा पाप है। महापौर ने आग्रह किया कि हर नागरिक अपने परिवार के शुभ कार्यों में गोवंश को चारा खिलाने की परंपरा को अपनाए और इस पवित्र सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। नगर निगम की नंदनी गौशाला में गोबर से बने दीये, राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं और अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा रही हैं। इन वस्तुओं को स्थानीय बाजारों में विक्रय हेतु भी उपलब्ध कराया जा रहा है। महापौर ने इस प्रयास को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर कक्षा 6 से 12वीं तक के स्कूली बच्चों को गौशाला का भ्रमण कराया गया। बच्चों को गोपालन के महत्व, गौवंश की सेवा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र संदेश से अवगत कराया गया। महापौर ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं। कार्यक्रम में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, उप पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर गौपूजन में भाग लिया और इस आयोजन को सफल बनाया। नंदनी गौशाला में जन्माष्टमी पर्व का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बना। महापौर ने गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और पशु-पक्षियों की देखभाल का संकल्प लेते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
















