नाम लिए बगैर सख्त लहजे में दे डाली चेतावनी
बेंगलुरु। आर्म्ड फोर्स वेटरन-डे के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज बेंगलुरू पहुंचे। इस दरम्यान उन्होंने बगैर नाम लिए चीन को कड़ी नसीहत दे डाली। उन्होंने समाज में पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया। भारतीय वायु सेना के एचक्यू ट्रेनिंग कमांड में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम युद्ध के पक्षधर नहीं हैं, मगर यदि कोई महाशक्ति भारत के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाना चाहती है तो भारतीय सैनिक मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि भारत किसी के साथ बेवजह विवाद नहीं चाहता है। हम शांति और दोस्ती का समझौता चाहते हैं। चूंकि यह हमारे खून में है। केंद्र सरकार ने बुधवार को 48 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को मंजूरी दी थी। इस पर रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि हमने एचएएल से 83 स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण को अनुमति दे दी है। सरकार ने इसे नौकरियों में लाभ पहुंचाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश में 50 हजार से ज्यादा नौकरियां उत्पन्न होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने इस डील पर मुहर लगा दी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि एक बार कोई सैनिक बनता है, तो वह हमेशा सैनिक होता है। समाज को सशस्त्र बलों के वरिष्ठ सैनिकों से प्रेरणा मिलती है। पूर्व सैनिक समाज में बड़ी भूमिका निभाते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वरिष्ठ सैनिकों के लिए कुछ घोषणाएं भी की हैं। उन्होंने कहा कि हमने लोकल फॉर्मेशन कमांडर्स को निजी अस्पतालों को ईसीएच योजना की पैनल में शामिल करने हेतु अधिकृत किया है। बता दें कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। लद्दाख में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। सीमा विवाद को निपटाने के लिए कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, मगर समाधान नहीं निकल पाया है।
















