हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए जमीन खरीदी में देरी बर्दाश्त नहीं, काम तेज करें: भानू चंद्र

• चार घंटे की समीक्षा में जीडीए की योजनाओं की गहराई से पड़ताल, अधिकारियों को सख्त चेतावनी
• इंफ्रास्ट्रक्चर में गुणवत्ता सर्वोपरि; सड़क-सीवर-नाली कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
• हरनंदीपुरम को आधुनिक और मॉडल टाउनशिप बनाने की तैयारी, सम्पूर्ण मास्टर प्लान एक साथ बनेगा
• जीडीए की सभी परियोजनाओं का तलपट मानचित्र 30 दिन में तैयार करने को कहा
• विवादित भूमि, अधूरी परियोजनाओं और लंबित वादों की स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
• जीडीए शहर को देगा नया स्वरूप-जयपुर व लखनऊ की तजऱ् पर सौंदर्यीकरण की कवायद तेज़

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजि़याबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्त्वाकांक्षी और आगामी वर्षों में शहर की पहचान बदलने वाली नई टाउनशिप हरनंदीपुरम योजना को लेकर शुक्रवार को जीडीए सभागार में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानू चंद्र गोस्वामी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि योजना के लिए किसानों की सहमति से भूमि खरीद की प्रक्रिया में और तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। करीब दोपहर 12:30 बजे जब मंडलायुक्त जीडीए मुख्यालय पहुंचे तो पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके पश्चात् वे सीधे सभागार पहुंचे, जहाँ उन्होंने जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, सचिव राजेश कुमार सिंह, ओएसडी राजीव रत्न सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, सीएटीपी अरविंद कुमार, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, संयुक्त सचिव एम.पी. सिंह, विधि अधिकारी शशि भूषण राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। चार घंटे तक चली इस बैठक में मंडलायुक्त ने नई टाउनशिप के साथ-साथ प्राधिकरण की अन्य विकास परियोजनाओं की भी गहन समीक्षा की।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी ने कहा कि हरनंदीपुरम टाउनशिप गाजियाबाद का भविष्य तय करने वाली परियोजना है, इसलिए इसकी तकनीकी विशेषज्ञता और अवधारणा-डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना को गति देने के लिए अनुभवी और सेवानिवृत्त विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएँ, ताकि प्रोजेक्ट को सर्वोत्तम रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि भूमि खरीद प्रक्रिया को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा जाए। किसानों की सहमति और विश्वास को आधार बनाकर कार्य किया जाए, जिससे अधिग्रहण प्रक्रिया सुचारू, शांतिपूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि योजना का विकास चरणबद्ध तरीके से अवश्य हो, लेकिन संपूर्ण मास्टर प्लान, लेआउट और डिज़ाइन एक साथ तैयार किया जाए, जिससे आगे विकास में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। मंडलायुक्त ने तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और टिकाऊ निर्माण पर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, सीवर सिस्टम, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और अन्य जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में कार्य न करने वाले ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाने का निर्देश भी उन्होंने स्पष्ट रूप से दोहराया।

उन्होंने जीडीए अधिकारियों को शहर की पहचान को एक नया रूप देने का लक्ष्य देते हुए कहा कि गाजियाबाद के प्रमुख विकास क्षेत्रों को जयपुर की ‘पिंक सिटी’ और लखनऊ के ‘हजरतगंज’ की तजऱ् पर सुंदर, आकर्षक और व्यवस्थित स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स में एकरूपता और सौंदर्य दोनों दिखाई देने चाहिए, जिससे गाजि़याबाद की छवि राष्ट्रीय स्तर पर एक आधुनिक शहर के रूप में उभर सके। इसके अलावा, मंडलायुक्त ने औद्योगिक टाउनशिप परियोजना के सर्वे को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का तलपट मानचित्र एक माह के अंदर तैयार किया जाए। इस मानचित्र में अर्जित भूमि का क्षेत्रफल, विकसित भूखंडों व भवनों का प्रतिशत, विवादित भूमि की स्थिति और न्यायालयों में लंबित वादों का स्पष्ट विवरण शामिल हो, ताकि योजनाओं का सटीक मूल्यांकन और बेहतर निर्णय लेने में सुविधा हो।

बैठक के अंत में उन्होंने निर्देशित किया कि जीडीए के सभी अनुभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। ऐसी बैठकों से परियोजनाओं की निरंतर निगरानी संभव होगी और बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मंडलायुक्त को प्राधिकरण की मौजूदा योजनाओं, विकास कार्यों की प्रगति, वित्तीय स्थिति और नई योजनाओं की रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी। हरनंदीपुरम योजना को लेकर मंडलायुक्त के स्पष्ट और दृढ़ निर्देशों ने यह संकेत दे दिया है कि गाजियाबाद में आने वाले दिनों में विकास कार्यों की रफ्तार और तेज होगी तथा शहर को नई दिशा देने वाली कई प्रमुख योजनाएं गति पकड़ेंगी।