मधुबन-बापूधाम योजना: 275 किसानों को लॉटरी ड्रॉ से मिले विकसित आवासीय भूखंड

-गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने पारदर्शी प्रक्रिया में जारी की आवंटन सूची, अब होगा रजिस्ट्री का रास्ता साफ

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना से प्रभावित किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को 275 किसानों को लॉटरी ड्रॉ के माध्यम से विकसित आवासीय भूखंड आवंटित कर दिए। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में किसानों की भीड़ उमड़ी और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया। सुबह 11 बजे अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुई लॉटरी प्रक्रिया में ओएसडी कनिका कौशिक, संयुक्त सचिव श्याम अवध चौहान सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। दो दिन तक चली इस ड्रॉ प्रक्रिया में कुल 275 किसानों को अलग-अलग आकार के प्लॉट आवंटित किए गए। आवंटन सूची मौके पर ही सार्वजनिक स्थान पर चस्पा भी कर दी गई। जीडीए के अनुसार, इन किसानों को अब आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। आवंटन पत्र प्राप्त होते ही किसान अपने-अपने भूखंडों की रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे, जिससे उनकी वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होगी।

18 साल पुरानी योजना में आया महत्वपूर्ण मोड़
मधुबन-बापूधाम योजना वर्ष 2004 में लॉन्च की गई थी। इस योजना के तहत छह गांवों की लगभग 1,234 एकड़ भूमि को विकास के लिए प्रस्तावित किया गया, जिसमें से करीब 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को 6/4 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड देने का प्रावधान था। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया में अब तेजी आने से प्रभावित किसानों में संतोष देखा गया।

150 से 2,382 वर्गमीटर तक के प्लॉट हुए आवंटित
जीडीए के अपर सचिव ने बताया कि दो दिन की ड्रॉ प्रक्रिया में किसानों को उनके हिस्से के अनुसार भूखंडों का आवंटन पारदर्शी तरीके से किया गया। आवंटित भूखंडों का आकार 49 किसानों को 150 वर्ग मीटर, 64 किसानों को 200 वर्ग मीटर, 62 किसानों को 300 वर्ग मीटर, 26 किसानों को 352 वर्ग मीटर, 10 किसानों को 405 वर्ग मीटर, 6 किसानों को 450 वर्ग मीटर, 8 किसानों को 498 वर्ग मीटर, 7 किसानों को 551 वर्ग मीटर, 6 किसानों को 595 वर्ग मीटर, 6 किसानों को 650 वर्ग मीटर, 1 किसान को 943 वर्ग मीटर, 1 किसान को 943 वर्ग मीटर (दूसरा आवंटन), 1 किसान को 2,382 वर्ग मीटर का बड़ा प्लॉट आवंटित किया गया। जीडीए अधिकारियों के अनुसार यह आवंटन अब तक की सबसे पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक रहा है। किसानों की मौजूदगी में लॉटरी ड्रॉ किया गया और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड व निगरानी में संचालित हुई।

किसानों की संतुष्टि और जीडीए की प्रतिबद्धता
कई वर्षों से भूमि मुआवजा और विकसित भूखंडों की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के लिए यह आवंटन राहत की बड़ी खबर है। जीडीए ने कहा कि योजना से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता और किसानों के हित सर्वोपरि रहेंगे। प्राधिकरण ने दोहराया कि सभी प्रभावित किसानों को न्यायसंगत और समयबद्ध लाभ पहुंचे, यही उसकी प्राथमिकता है।
भारतीय शहरी विकास ढांचों में मधुबन-बापूधाम योजना एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जाती है और इस सफल आवंटन के साथ प्राधिकरण ने अपनी कार्यसंस्कृति और पारदर्शी व्यवस्था के प्रति मजबूत संदेश दिया है।