• सरकारी खजाने को भरने और दिन-रात जारी है आबकारी विभाग की मैराथन कवायद
• नई नीति से लखनऊ में शराब बिक्री होगी और अधिक व्यवस्थित
उदय भूमि
लखनऊ। नई आबकारी नीति 2025-26 के तहत जिले में शराब की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह पूरी ताकत से इस नीति को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। उनकी अगुवाई में आबकारी विभाग की टीम न केवल शराब तस्करी पर शिकंजा कसने में लगी है, बल्कि नए लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया को भी सुचारू रूप से पूरा करने में जुटी है। आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि पहले ही चरण में जिले की सभी दुकानों का आवंटन हो जाए। इसके लिए उनकी पूरी टीम लगातार बैठकें कर रही है और नई नीति के कार्यान्वयन में दिन-रात जुटी हुई है। आबकारी निरीक्षक भी पूरी मुस्तैदी से सड़कों पर नजर बनाए हुए हैं, दुकानों का निरीक्षण कर रहे हैं और अवैध गतिविधियों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
लखनऊ में नई आबकारी नीति लागू करने के लिए आबकारी विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में है। दुकानों के आवंटन से लेकर तस्करी पर शिकंजा कसने तक, हर स्तर पर अधिकारियों की कड़ी नजर है। नई नीति से शराब बिक्री व्यवस्थित होगी और सरकारी राजस्व में भी इजाफा होगा। 6 मार्च को होने वाली लॉटरी प्रक्रिया जिले में नई नीति को लागू करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा, जिसके बाद सभी दुकानों के आवंटन को अंतिम रूप दिया जाएगा। 6 मार्च 2025 को होने वाली ई-लॉटरी से प्रदेश में शराब और भांग की दुकानों का आवंटन होगा, जिससे आबकारी नीति को सुचारू रूप से लागू करने में मदद मिलेगी। लखनऊ जनपद की 572 देसी शराब की दुकानें, 400 कंपोजिट, 56 मॉडल शॉप और 43 भांग की दुकानों के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लखनऊ में 6 मार्च को होगी लॉटरी, आवेदन प्रक्रिया शुरू
• 14 फरवरी से पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
• 17 फरवरी से दुकानों के लिए आवेदन लिया जा रहा है।
• आवेदन की अंतिम तिथि 27 फरवरी शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है।
• प्रथम चरण की लॉटरी 6 मार्च को संपन्न होगी।
आबकारी कार्यालय में बनाया गया कंट्रोल रूम, आवेदन से जुड़ी मिलेगी सभी जानकारियां
जिला आबकारी अधिकारी के निर्देशानुसार, लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कैसरबाग स्थित आबकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में शराब की दुकानों के आवंटन से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नई आबकारी नीति से क्या बदलेगा:
• सभी शराब दुकानों का आवंटन पूरी तरह लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
• अवैध शराब बिक्री पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
• शराब तस्करी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
-नई आबकारी नीति से सरकारी खजाने को होगा बड़ा फायदा।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां:
• ई-लॉटरी के लिए आवेदन: 17 फरवरी 2025 (दोपहर 12 बजे) से 27 फरवरी 2025 (शाम 5 बजे तक)।
• ई-लॉटरी ड्रॉ की तिथि: 6 मार्च 2025 (संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित स्थल पर)।
• आवेदन पोर्टल: exciseelotteryup.upsdc.gov.in तथा विस्तृत जानकारी दिशानिर्देश के लिए उपरोक्त पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
कौन कर सकता है आवेदन:
• आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
• आवेदक की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
• प्रत्येक दुकान के लिए एक ही आवेदन किया जा सकता है, एक से अधिक आवेदन पाए जाने पर अतिरिक्त आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे और प्रोसेसिंग फीस जब्त कर ली जाएगी।
• एक आवेदक अधिकतम दो दुकानें ही प्राप्त कर सकता है (एक ही जनपद या अलग-अलग जनपदों में)।
कौन-कौन सी दुकानें शामिल:
• देशी मदिरा की दुकानें, कंपोजिट शॉप्स, मॉडल शॉप्स, भांग की दुकानें।
• पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
• सभी आवेदन और दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
नई आबकारी नीति से क्या होगा बदलाव:
• आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।
• ई-लॉटरी से भ्रष्टाचार और दलाली पर लगेगी रोक।
• अवैध शराब बिक्री और तस्करी पर सख्त नियंत्रण होगा।
• सरकारी खजाने को होगा अधिक राजस्व लाभ।
नई आबकारी नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध शराब पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में आबकारी नीति 2025-26 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि नई नीति से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और अवैध शराब कारोबार पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा, शराब और भांग की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह से ई-लॉटरी के माध्यम से होगी, जिससे किसी भी प्रकार की धांधली या पक्षपात की संभावना नहीं रहती है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले में सभी लाइसेंसी दुकानों का आवंटन नियमानुसार और निष्पक्ष तरीके से किया जाए।

जिला आबकारी अधिकारी
इसके लिए आबकारी विभाग की टीम पूरी गंभीरता से काम कर रही है। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए हमारी टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी लोग गैर-कानूनी रूप से शराब बेचने या बनाने में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अवैध शराब से न केवल सरकार को राजस्व की हानि होती है, बल्कि यह समाज के लिए भी घातक है। इसी को ध्यान में रखते हुए अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। नई आबकारी नीति के तहत आवेदन प्रक्रिया और अवैध शराब पर नियंत्रण के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है। ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, जिससे सभी योग्य आवेदकों को समान अवसर मिलेगा और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

















