सख़्त तेवर में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव, गौतमबुद्ध नगर में बॉन्ड अनुज्ञापन स्थलों का सघन निरीक्षण

-ई-लेबल प्रणाली और पारदर्शिता पर विशेष जोर, अनुज्ञापियों को चेताया-लापरवाही बर्दाश्त नहीं

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश के उच्चाधिकारियों अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में मंगलवार को जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में जनपद गौतमबुद्ध नगर में एक व्यापक और सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले में स्थित बॉन्ड अनुज्ञापन स्थलों की गहन जांच-पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान खुद आबकारी टीम के साथ अनुज्ञापियों के गोदामों में रखी मदिरा की बोतलों पर लगे त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड को स्कैन किया और उसका अभिलेखों से भौतिक भंडार (स्टॉक) मिलान किया। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि हर अनुज्ञापी को ई-एएल (क्यूआर कोड) से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना ही होगा। उन्होंने मौके पर ही अनुज्ञापियों को आगाह किया कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अवहेलना पाई गई, तो विभाग कठोरतम कार्यवाही करने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व की वृद्धि नहीं बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास कायम करना है। कोई भी कार्य केवल कागज़ी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर उसका प्रभाव साफ दिखाई देना चाहिए। इस निरीक्षण अभियान में आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अभिनव शाही और संजय चंद्र ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों ने मिलकर न केवल गोदामों की जांच की बल्कि मौके पर अनुज्ञापियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के समय टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि उपभोक्ताओं तक पहुँचने वाली प्रत्येक बोतल पर लगे लेबल से उसकी सही जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। निरीक्षण के बाद श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग पूरी तरह सजग और सतर्क है। अनुज्ञापियों को साफ संदेश दिया गया कि यदि किसी भी अनुज्ञापी द्वारा विभागीय निर्देशों की अनदेखी की गई तो उसका अनुज्ञापन निरस्त करने तक की कार्यवाही की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को सुरक्षित, प्रमाणित और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव की कार्यशैली से यह स्पष्ट है कि गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग पारदर्शिता और अनुशासन की नई मिसाल कायम कर रहा है। नियमित निरीक्षण, तकनीक आधारित जांच और सख़्त निगरानी से जहां विभागीय व्यवस्था अधिक मजबूत हुई है, वहीं अनुज्ञापियों को भी यह संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला आबकारी अधिकारी ने सभी निरीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि आबकारी विभाग का दायित्व केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, प्रमाणित और पारदर्शी व्यवस्था पहुँचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी अनुज्ञापी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बोतल पर उत्पाद शुल्क का ई-लेबल सही प्रकार से अंकित हो और क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी पूर्ण जानकारी उपलब्ध हो। नियमों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई गई तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि  हमारी प्राथमिकता यह है कि विभागीय कार्यवाही कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसका असर स्पष्ट दिखे। अनुज्ञापियों को चेतावनी दी जाती है कि वे नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।