नशे के खिलाफ कड़ा अभियान: जिलाधिकारी मेधा रूपम की सख्त चेतावनी, अवैध कारोबार पर लगेगा पूर्ण विराम

– जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक संपन्न, संयुक्त टीम गठित कर होगी सख्त कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि एक सामाजिक सरोकार का विषय है। उन्होंने पुलिस, आबकारी और प्रशासनिक टीमों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रिंक एंड ड्राइव की घटनाओं और नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों का अलग डेटा बेस तैयार किया जाए, ताकि उनकी नियमित काउंसलिंग कर उन्हें नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सके। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में चेताया कि स्कूल, कॉलेज या किसी भी शिक्षण संस्थान के आसपास सिगरेट, गुटखा या अन्य नशीले पदार्थों की दुकानें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

यदि ऐसी दुकानें पाई जाती हैं तो उन्हें तत्काल हटवाया जाए और इसके लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। उन्होंने आबकारी विभाग को भी निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी मदिरा दुकानों व रेस्टोरेंट बार्स पर कड़ी निगरानी रखी जाए। 21 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई विक्रेता इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुलिस, आबकारी और प्रशासन की संयुक्त टीमें गठित की जाएं, जो नियमित निरीक्षण कर अवैध कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गांव-गांव, स्कूलों और कॉलेजों तक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि युवा नशे के दुष्परिणामों से अवगत होकर उससे दूरी बना सकें।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार समाज की जड़ें खोखली कर रहा है। इसे खत्म करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। न केवल अवैध व्यापारियों को सख्ती से रोका जाएगा बल्कि युवाओं को भी जागरूक कर इस लड़ाई में सहभागी बनाया जाएगा। नशे के खिलाफ यह जंग केवल प्रशासन की नहीं बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। नार्को कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक के उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला बार समिति की बैठक भी संपन्न हुई। इसमें जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि बार लाइसेंस से संबंधित जो भी आवेदन लंबित हैं, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बार बिना लाइसेंस के संचालित न हो। यदि बिना लाइसेंस बार संचालित पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बैठक के बाद कहा कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसना और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी मदिरा दुकानों और बार्स पर नियमित निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से 21 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शराब की बिक्री रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई अनुज्ञापी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला आबकारी अधिकारी सुभोध कुमार श्रीवास्तव, एसीपी कल्पना गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अभिनव शाही, संजय चंद्र, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी श्वेता खुराना सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।