-ड्रोन सर्वे से योजना में संपूर्ण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का हो सकेगा आकंलन
उदय भूमि
गाजियाबाद। आखिर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के संपूर्ण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे शुरू करा दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर शुरू किए गए मधुबन-बापूधाम योजना के ड्रोन सर्वे से कहां पर कितनी जमीन है। इसका पूर्ण आंकलन हो सकेगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के अर्जित क्षेत्र का ड्रोन सर्वे प्रारंभ कराया गया हैं। ड्रोन सर्वे के माध्यम से योजना का प्राप्त डाटा को सजरा प्लान और ले-आउट प्लान में सुपर इंपोज किया जाएगा। इस ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया से वास्तविक स्थलीय स्थिति के अनुरूप योजना का लैंड ऑडिट करना भी संभव होगा। जिससे भविष्य में बेहतर योजना में निर्माण कार्य और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ड्रोन सर्वे अत्यंत सटीकता और कम मानवीय संसाधन लागत में किया जाने वाला आधुनिक और कुशल तकनीकी का कार्य हैं। इसके माध्यम से उच्च रिजॉल्यूशन ऑर्थो फोटो और विस्तृत 3डी मॉडल तैयार किया जाएगा। जिससे योजना के क्षेत्र की बारीकी से जांच और विश्लेषण किया जा सकेगा। जीडीए की ओर से ड्रोन सर्वे कराए जाने की इस पहल से क्षेत्रीय विकास में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। दरअसल,जीडीए की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना 1234 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होनी है।
इसमें 281 एकड़ जमीन से प्रभावित किसानों की तरह एक समान मुआवजा देने की मांग को लेकर किसान यहां पर निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं। ऐेसे में योजना विकसित होने में वक्त लग सकता है। जीडीए की ओर से शुरू कराए गए ड्रोन सर्वे में योजना की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए यह शुरू कराया गया हैं। इससे जीडीए आने वाले समय में बेहतर तरीके से योजना को विकसित करने के लिए कदम उठाएगा। ड्रोन सर्वे में योजना की वास्तविक स्थिति का भी पता लग सकेगा।
















