-ठेकेदारों और सफाई एजेंसियों को अल्टीमेटम, 10 दिन में धूल मुक्त होनी चाहिए हर सड़क
-नालों की सफाई, रोड स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलिंग से लेकर मॉनिटरिंग तक चलेगा स्पेशल अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुका है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग, सफाई एजेंसियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब सड़कों पर गंदगी, धूल और कूड़े का अंबार बिल्कुल भी नजर नहीं आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, सिर्फ ईमानदार और समयबद्ध काम की जरूरत है। रविवार को नगर निगम मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, सभी पांच जोनों के सफाई निरीक्षकों और सफाई कार्य संभाल रही एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ गहन मंथन किया। इस दौरान उन्होंने सभी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय में सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा तो जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने पांचों जोन में 10 दिनों का विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रमुख रूप से रोड स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलिंग, कूड़ा उठान, नालों की सफाई और सड़कों से सिल्ट हटाने जैसे कार्यों को शामिल किया गया है। हर जोन में विशेष टीमें गठित की जाएंगी जो सुबह-शाम शहर की सफाई की रिपोर्ट सौंपेंगी। नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद को स्वच्छता के राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारने के लिए यह कदम उठाया गया है। गाजियाबाद-311 ऐप पर हाजिरी लगाने वाले सफाई मित्रों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त एक्शन होगा। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त के नेतृत्व में नगर निगम स्वच्छता के प्रति अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भी जनता से अपील की है कि वे गंदगी न फैलाएं और सफाई मित्रों के साथ सहयोग करें।
ठेकेदारों को सीधी चेतावनी, लापरवाही नहीं चलेगी
बैठक में नॉर्थ इंडिया कंपनी और जेएस एनवायरो जैसी एजेंसियों के डायरेक्टर्स को बुलाकर साफ कहा गया कि कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन की जाए और प्रतिदिन के सफाई कार्यों की रिपोर्ट नगर निगम को दी जाए। इसके अलावा, मैन्युअल सफाई के साथ आधुनिक सफाई उपकरणों के प्रयोग को प्राथमिकता देने को कहा गया।
हर गली-मोहल्ले तक पहुंचेगा सफाई का असर
नगर आयुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सिर्फ मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि आंतरिक गलियों और उपमार्गों की भी सफाई होनी चाहिए। कूड़ा डंप पॉइंट्स और कूड़ा कलेक्शन वाहनों की जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग शुरू की जाएगी ताकि हर वाहन की लोकेशन और कार्य स्थिति पर नजर रखी जा सके।
गंदगी फैलाने वालों पर होगा चालान, मिलेगी सख्त सजा
सिर्फ सफाई ही नहीं, अब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की टीमें चालान और दंड की प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देशों के तहत जल्द ही शहर में सफाई का विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी टीमें आधुनिक उपकरणों से लैस होकर सफाई कार्य को अंजाम देंगी। वहीं, जो भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त
शहर की सड़कों को धूल मुक्त और साफ-सुथरा बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, जरूरत है तो सिर्फ प्रतिबद्धता और मेहनत की। सफाई कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाह ठेकेदारों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि गाजियाबाद स्वच्छता के मामले में देश में एक उदाहरण बने।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















