-केंद्रीय राज्यमंत्री ने की विद्युत कमेटी बैठक, मिल चुकीं 180 करोड़ की धनराशि
गाजियाबाद। जिले में जर्जर बिजली के तारों को बदलने से लेकर फीडर ओवरलोड कम होने के बाद विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जनपद को मिलाकर करीब 300 करोड़ रुपए की यह योजना है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने जिला विद्युत कमेटी की बैठक की। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा पोषित रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म स्कीम पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर नीरज स्वरूप, शहर विधायक अतुल गर्ग, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण वीके आर्य, अधीक्षण अभियंता महफूज आलम, एनके प्रसाद, नरेश भारती एवं कुलदीप चौहान आदि मौजूद रहे। उन्होंने बैठक में कहा कि जिले में बेहतर बिजली आपूर्ति लोगों को मिले। इसके लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जर्जर तार बदलने से लेकर फीडरों का ओवरलोड कम होने से जिले में बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी। होली के बाद इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा।

योजना के तहत जिले में पांच साल तक इस पर कार्य किया जाएगा। इस योजना के तहत केंद्र सरकार से करीब 180 करोड़ रुपए की धनराशि बिजली विभाग को मिल चुकी हैं। इसके तहत एलटी केबल, कंडेक्टर रिप्लेसमेंट, जर्जर एबी केबल बदलने, 11केवी लाइन के फीडर को अपडेट करना,एचटी लाइन डालना, 11 केवी के कृषि के फीडर को अलग करना, ओवर लोड फीडर का लोड कम करना,एक्सट्रा एलबी केबल और अतिरिक्त डीटीएस लगाने के अलावा 33 व 11 केवी के नए सब स्टेशन, नई 33व 11 केवी लाइन निर्माण, नए सब स्टेशनों का ओवरलोड कम करना, इंस्ट्रालेशन ऑफ कैपीलेटर बैंक, लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में लाइन बदलना, पुराने स्विचगीयर,आईसोलेट बदलना, कंट्रोल पैनल, बैटरी चार्जर, बैटरी सेट बदलना,फेसिंग फॉर पॉवर बदलना आदि काम किए जाएंगे। इस योजना के पूरा होने के बाद जिले में बेहतर बिजली व्यवस्था हो सकेगी। औद्योगिक क्षेत्रों को भी बिजली सप्लाई आसानी से मिल सकेगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने योजना के तहत कार्यदायी संस्था द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट पर चर्चा की। बैठक में अवगत कराया गया कि इस योजना के तहत कार्यदायी संस्था को वर्कऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया हैं। उन्होंने सर्वे कार्य को अनुश्रवण करने के लिए निर्देशित किया। वहीं, रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए लोगों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर नीरज स्वरूप ने बताया कि रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म स्कीम का सर्वे का काम पूरा हो गया है। इस पर होली के बाद काम शुरू हो जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री की बैठक में हालांकि जनप्रतिनिधियों में सिर्फ इकलौते विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष ही शामिल हुई।

बिजली केबिल अंडरग्राउंड करने की तैयारी
केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने जिला इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक में जनपद के लिए स्वीकृत रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म स्कीम की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना पर जल्द कार्य शुरू किया जाए। केंद्रीय राज्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में सर्वे कराकर बिजली केबल अंडर ग्राउंड होने चाहिए। जो भी विभाग, बिजली विभाग में आय स्रोत व अन्य कार्यों में सहायक बने उनसे मदद लें।
बिजली के खंबों की दूरियां कम की जाए। जहां पर ट्रांसफॉर्मर का लोड बढ़ाना है या चेक करने हैं,वहां जांच करें।जनता के प्रति बिजली विभाग के अधिकारी अपना व्यवहार बेहद अच्छा रखें।वह अपने सिस्टम में सकारात्मक बदलाव करें। शुक्रवार को केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने भारत सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लिए स्वीकृत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं इंटीग्रेट पावरमेंट स्कीम तथा सौभाग्य योजना प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र की सभी केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा एवं क्रियान्वयन को लेकर बैठक की गई।
बैठक में कहा कि योजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराएं। उनके साथ साझा करें।सरकारी योजना के तहत ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की लाइन को अलग-अलग करें।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर आबादी और सड़क से अलग हों। उन्हें सही स्थान पर लगाए। इसके लिए प्रदेश शासन एवं नगर निगम से समन्वय कर जमीन चिन्हित करें। बिजली ओवरलोडिंग की समस्याओं का समाधान करें। किसानों की टयूबवैल पर बिजली मीटर लगाने में जो समस्याएं आ रही हैं। उसके लिए उनके साथ जन चौपाल करें। उन्हें इसके बारे में अवगत कराएं। बिजली विभाग से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाप्त करें। अगर किसी उपभोक्ता का बिजली बिल गलत आता है तो उसकी समस्या का जल्द ही निस्तारण करें।
















