गाजियाबाद में आबकारी विभाग ऑपरेशन ओवररेटिंग, नियम तोड़ा तो कारोबार होगा खत्म

-सुबह की शराब, सीधी जेल: मनमानी कर रहे विक्रेता रंगेहाथ धराए, कैमरे में कैद सबूत
-बेखौफ शराब माफिया पर कसी लगाम, सुबह 6 बजे बेच रहे थे शराब, 25 रुपये अधिक वसूली पर मचा बवाल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबारियों की कमर तोडऩे के लिए ऐसा शिकंजा कसा है कि अब शराब माफिया और नियम तोडऩे वाले विक्रेताओं की रातों की नींद उड़ गई है। सुबह की पहली किरण से पहले ही शराब बेचने की चालाकी अब सीधे जेल के रास्ते ले जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में गाजियाबाद में शुरू हुई यह मुहिम अब महज चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी कार्रवाई में बदल चुकी है। इस बार विभाग ने एक ऐसी चाल चली जिसने विक्रेताओं को रंगेहाथ पकड़वाया और उनके कारनामों को कैमरे में कैद कर प्रदेशभर को चेतावनी दे दी है, शराब के धंधे में कानून से ऊपर कोई नहीं है। आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा के मास्टरस्ट्रोक ने क्षेत्र में हड़कंप मचा रखा है। ग्राहक बनाकर विक्रेता के पास आदमी भेजा और कैमरे में सारी हरकतें विक्रेता की रिकॉर्ड कर ली। शुक्रवार तड़के आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा और उनकी टीम ने पुराना विजय नगर में संचालित यशवीरी नामक अनुज्ञापिनी की दुकान पर धावा बोला। विक्रेता अंकुल कुमार और अभिषेक जायसवाल, जो सुबह 6 बजे ही शराब बेच रहे थे, को जाल बिछाकर रंगेहाथ पकड़ा गया।

इतना ही नहीं, वे 75 रुपये वाली शराब के 100 रुपये वसूलते हुए खुलेआम लूट मचा रहे थे। एक टीम सदस्य को ग्राहक बनाकर भेजा गया और पूरे लेन-देन की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे दुकान खुलने से पहले ही नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। ेजिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम का कहना है कि शराब बिक्री में नियमों की अवहेलना अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओवररेटिंग, समय से पहले बिक्री या कोई भी अवैध गतिविधि सामने आते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन ओवररेटिंग के तहत हमने साफ कर दिया है कि अब हर दुकान पर निगरानी है, और हर गड़बड़ी पर सीधे जेल का रास्ता तय है। हमारा लक्ष्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाना भी है। उक्त लाइसेंसी को कारण बताओ का नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।

एक रुपये की ओवररेटिंग भी अब भेजेंगी सीधे जेल
इस घटना के बाद जिलेभर में हड़कंप मच गया है। आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि अब दुकान खुलने से पहले निगरानी होगी, ओवररेटिंग या समय से पहले बिक्री पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। संजय कुमार प्रथम ने अन्य सभी निरीक्षकों को आदेश जारी कर दिए हैं कि सुबह दुकान खुलने से पहले हर हाल में जांच की जाए। गाजियाबाद में शराब माफिया की अब खैर नहीं है। नियमों की एक भी अनदेखी पर गिरफ्तारी होगी, चाहे दुकान लाइसेंसी हो या नहीं। गाजियाबाद में चल रही इस ऑपरेशन ओवररेटिंग की गूंज अब प्रदेश स्तर पर सुनाई दे रही है। शासन से लेकर आम जनता तक आबकारी विभाग की इस सख्ती की सराहना हो रही है। शराब माफिया के लिए यह सीधा संदेश है अब कोई नहीं बचेगा।

ऑपरेशन ओवररेटिंग की प्रदेशभर में गूंज
आबकारी विभाग की ऑपरेशन ओवररेटिंग मुहिम अब जोर पकड़ती जा रही है। जिले में अवैध शराब बिक्री और ओवररेटिंग पर लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। आबकारी विभाग के इस ऑपरेशन से जिले में हड़कंप मच गया है। आबकारी विभाग का यह ऑपरेशन जिले में लाइसेंस लेने के बाद अवैध रुप से शराब बेचने वाले विक्रेता और लाइसेंसी दोनों पर ही शिकंजा कसेगा। जबकि नए अनुज्ञापियों के साथ दुकानों के व्यवस्थापन के समय बैठक कर सभी को चेता दिया था कि दुकानों को बंद और खोलने के समय में कोई कोताही नहीं चलेगी। इसके अलावा शराब पर ओवर रेटिंग करने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा।

जिले में अगर काम करना है तो विभाग के नियमानुसार करना होगा, नहीं तो दुकान खुलने से पहले बंद करने में विभाग बिल्कुल भी समय नहीं लगाएगा। आबकारी विभाग की यह चेतावनी को कुछ के समझ में तो आ गई, मगर कुछ अनुज्ञापियों ने इस चेतावनी को हल्के में ले लिया। इसलिए आबकारी विभाग का यह ऑपरेशन ओवररेटिंग अब उन दुकानों पर ताला लगाने का काम करेगा, जो समय के विपरीत दुकान खोल कर शराब बेच रहे है और दुसरा ग्राहकों से ओवर रेटिंग कर रहे है। आबकारी विभाग ने जिले की सभी शराब दुकानों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। ऑपरेशन ओवररेटिंग की गूंज अब गाजियाबाद के साथ-साथ आस-पास के जिलों में भी सुनाई देने लगी है। विभाग की सख्ती से शराब माफिया में डर का माहौल बन गया है और अब नियमों की अनदेखी करने वालों को अपनी दुकानदारी गंवानी पड़ सकती है।