लखनऊ में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का महाअभियान

-जिला आबकारी अधिकारीकी रणनीति के आगे ध्वस्त हो रहे शराब तस्करों के माफिया नेटवर्क
-रामनगर-नारूखेड़ा में बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर कच्ची शराब व 300 किलो लहन बरामद

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। अवैध शराब के खिलाफ छेड़ी गई जंग अब केवल अभियान नहीं, बल्कि कानून, प्रशासन और समाज के सम्मान की लड़ाई बन चुकी है। लखनऊ जनपद में आबकारी विभाग ने जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में इतिहास की सबसे आक्रामक और रणनीतिक कार्रवाई की है। अब यह युद्ध हर गली, हर खेत, हर झोपड़ी, हर तालाब के किनारे और हर बाग-बगिचे तक पहुंच चुका है, जहां कभी अवैध शराब के गुप्त अड्डे पनपते थे। श्री सिंह की दूरदर्शी रणनीति, ठोस नेटवर्किंग और जमीनी कार्यशैली ने शराब माफियाओं की रीढ़ तोड़ दी है। जहां कभी तस्करों का दबदबा हुआ करता था, वहां अब कानून की सख्ती और निगरानी की आहट है। बाहरी राज्यों से आने वाली तस्करी पर शिकंजा कसने के बाद, अब विभाग की पैनी नजर ग्रामीण अंचलों में संचालित देशी कच्ची शराब के काले कारोबार पर है और यह साफ संदेश है कि अब न तो शराब बचेगी, न शराबी, और न ही कोई अवैध ठिकाना।

बाहरी राज्यों से आने वाली तस्करी पर लगाम कसने के बाद अब देहात क्षेत्रों में देशी कच्ची शराब के अवैध निर्माण पर सीधी चोट की जा रही है। जिले में हमारा अभियान पूरी शक्ति, रणनीति और समर्पण के साथ चलाया जा रहा है। लखनऊ जनपद को अवैध और ज़हरीली शराब से मुक्त कराना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। मैंने सभी क्षेत्रीय निरीक्षकों और प्रवर्तन दलों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन गहन छापेमारी करें, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। कोई भी तस्कर कानून की गिरफ्त से बाहर नहीं रहेगा। जो लोग कच्ची शराब के निर्माण और वितरण में संलिप्त हैं, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जो ईमानदार नागरिक सूचना देंगे, उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें संरक्षित किया जाएगा। हम जनसहभागिता से लखनऊ को शराबमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हर कीमत पर लखनऊ को बनाएंगे शराब मुक्त
दृढ़ नेतृत्व, स्पष्ट विजन और ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के साथ जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि हमने अवैध शराब के सभी रास्तों को चिन्हित कर लिया है। अब छिपने की कोई जगह नहीं। हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई होगी। लखनऊ को जहरीली शराब के खतरे से पूरी तरह मुक्त करना हमारा पहला और अंतिम लक्ष्य है। बुधवार को आबकारी निरीक्षक विजय राठी और अभिषेक सिंह के नेतृत्व में आबकारी टीम ने थाना माल क्षेत्र के ग्राम रामनगर व नारूखेड़ा में अचानक दबिश दी।

यह टीम गांवों में संदिग्ध घरों, बाग-बगीचों, झाडिय़ों और तालाबों के किनारों पर छिपाए गए अवैध शराब निर्माण के अड्डों की सघन तलाश में निकली थी। दबिश के दौरान लगभग 30 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। 300 किलोग्राम लहन (कच्ची शराब बनाने का केमिकल मिश्रण) मौके पर नष्ट किया गया। 2 अभियोग आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में पंजीकृत किए गए। टीम में शामिल प्रमुख कर्मियों में प्रधान आबकारी सिपाही प्रद्युम्न कुमार श्रीवास्तव, अमित चौधरी, गोविंद यादव, संदीप यादव, रेशमा, और सुजीत जैसे जांबाज़ कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने जान जोखिम में डालकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

खुफिया नेटवर्क से हिलने लगे माफिया के गढ़, अब नहीं चल पाएंगे गांवों में छुपे कारखाने
श्री करुणेन्द्र सिंह द्वारा तैयार की गई डिजिटल मैपिंग, खुफिया सूत्रों की व्यवस्था, गुप्त निगरानी टीमों और स्थानीय मुखबिर नेटवर्क के चलते अब माफिया के पास छिपने की कोई जगह नहीं बची है। शहर के साथ-साथ अब गांवों, खेतों, जंगलों और बागों तक निगरानी बढ़ा दी गई है। कई तस्करों ने भागकर अपने ठिकाने खाली कर दिए हैं, जबकि बाकी कानून की गिरफ्त में आने को मजबूर हैं। आबकारी अधिकारी का कहना है कि हमने शराब माफियाओं को गांवों से उखाड़ फेंकने की ठान ली है। अब न खेत में छिप पाएंगे, न बागों में। हमारी टीमें हर वक्त अलर्ट हैं। एक-एक सूचना पर सर्जिकल स्ट्राइक की तजऱ् पर कार्रवाई की जा रही है।

आमजन को जागरूक करने का अभियान भी तेज, ग्रामीणों को दी जा रही चेतावनी
अवैध शराब केवल कानून तोड़ती ही नहीं, जनस्वास्थ्य के लिए घातक ज़हर बन चुकी है। विभाग अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि गांवों में जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति लालच या भयवश इस धंधे से न जुड़ सके। आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में चल रहा यह ऑपरेशन अब इतना प्रभावशाली बन चुका है कि अन्य जिलों के लिए भी “लखनऊ मॉडल” एक केस स्टडी के रूप में उभर सकता है। जिस तरह से तकनीक, टीमवर्क और रणनीतिक प्लानिंग के ज़रिए माफिया को ध्वस्त किया जा रहा है, वह प्रशासनिक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। अंत में आबकारी विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध शराब से जुड़ी किसी भी सूचना को गुप्त रूप से विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि मिलकर लखनऊ को पूरी तरह शराब मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।