लखनऊ में शराब तस्करों के साथ विक्रेताओं पर भी आबकारी अधिकारी की नजर

-शराब तस्करों की धरपकड़ के लिए चला चला विशेष अभियान
-अवैध शराब के साथ शराब विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए टीम ने मारा छापा
-दुकान पर रखें स्टॉक रजिस्टर और यूपीआई आईडी/क्यूआर कोड की हुई जांच, ऑनलाइन पेमेंट लेने की दी हिदायत
-शादी सीजन को लेकर आबकारी विभाग की टीम ने मैरिज हॉल, शादी कार्यक्रम कराने वाले होटल, बरात घरों पर चलाया चेकिंग अभियान

उदय भूमि
लखनऊ। जनपद में त्योहारी और चुनावी सीजन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन इन दिनों शादी सीजन जोर-शोर से चल रहा है। ऐसे में आबकारी विभाग को भी बिल्कुल फुर्सत नहीं है। अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग ने दिन-रात एक कर रखी है। ऐसे में शराब तस्कर आगे-आगे तो आबकारी विभाग पीछे-पीछे नजर आ रहा है। तस्करों को जिले से खदेडऩे के लिए हर संभव कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। भारी व्यस्तता के बावजूद विभाग ने शराब की दुकानों पर भी ध्यान दे रखा है। शराब दुकानदार किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें, इसे लेकर औचक चेकिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। त्योहार की तरह शादी सीजन में भी शराब की मांग और खपत दोनों ही बढ़ जाती है। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीमें लगातार वाहनों को रोककर चेकिंग एवं शराब तस्करों की ठिकानों पर दबिश व छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। इसके मद्देनजर आबकारी विभाग ने पहले से तैयारियां कर रखी थी। इसी के साथ बिना लाइसेंस के शराब पार्टी करने वाले रेस्टोरेंट, बार, होटल व ढाबों के खिलाफ भी कार्यवाही तेज कर दी है। कुछ दिन पूर्व ही नवागत जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने जिले का चार्ज संभाला है। लेकिन चार्ज संभालते ही शराब तस्करों पर कार्रवाई करने और आबकारी विभाग के राजस्व में किस तरह से बढोत्तरी की जा सकती है। इसके लिए अपना लेखा-जोखा तैयार कर लिया है।

शराब तस्करों के साथ, शराब विक्रेताओं और होटल, रेस्टोरेंट व बार संचालकों पर अपना हंटर चलाना शुरु कर दिया है। नियमों के विपरीत शराब का सेवन कराने वाले संचालकों को चिन्हित कर कार्रवाई तेज कर दी है। राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के कारोबार पर अकुंश लगाने के बाद अब शराब विक्रेताओं पर आबकारी विभाग ने अपना शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। जिसके लिए आबकारी विभाग की टीमें दिन रात शराब की दुकानों पर चेकिंग की जा रही है। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीम राजमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग के साथ चेक पोस्ट और हाइवे पर आने-जाने वाले सभी वाहनों को रोक कर चेकिंग कर रही है। शराब तस्करों के साथ विक्रेताओं में भी आबकारी अधिकारी का खौफ इस कदर दिखाई दे रहा है कि शराब विक्रेता भी दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से विनम्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे है। आबकारी अधिकारी ने आम जन की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमें अपील भी कर रही है कि खुले में शराब का सेवन करें। इसके अलावा लखनऊ की सभी दुकानों पर भी बोर्ड लगा दिए गए है। जिसमें साफ-साफ लिखा गया है कि खुले में शराब का सेवन और शराब पीकर गाड़ी चलाना दंडनीय अपराध है। वहीं देहात क्षेत्र में होने वाले महुआ अवैध शराब के निर्माण को रोकने के लिए भी आबकारी विभाग की टीम लगातार दबिश और छापेमारी कर रही है।

जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया शराब तस्करों से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत शुक्रवार को सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। सोमवार को आबकारी निरीक्षक राहुल कुमार सिंह, शिखर, विवेक सिंह, रिचा सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, कृति प्रकाश पाण्डेय, अभिषेक सिंह, विजय राठी, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी और अखिल गुप्ता की टीम द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में शराब तस्करों के ठिकानों पर दबिश और छापेमारी की गई। लखनऊ- आगरा एक्सप्रेसवे एवं अन्य लिंक मार्गो पर संदिग्ध ट्रकों, टैंकरों और अन्य भारी वाहनों एवं आसपास के ढाबों की चेकिंग की गई। वहां संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों को रोककर सघन तलाशी ली गई। उनका कहना है कि सभी जरूरी स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। शराब तस्करों से निपटने के लिए यह कवायद की गई है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसके अलावा शराब तस्करों के संभावित ठिकानों पर भी छापेमार कार्रवाई की जा रही है, जो कि लगातार जारी रहेगी। इसके अलावा गुडंबा, जानकीपुरम, आलमबाग, ठाकुरगंज आदि क्षेत्रों में मदिरा दुकानों की चेकिंग की गई। इस दौरान दुकानों को लाइसेंस शर्तों के अनुसार संचालित करने एवं निर्धारित मूल्य पर मदिरा की बिक्री करने का निर्देश दिए गए।

साथ ही शराब विक्रेताओं को शराब की बोतल को पॉश मशीन से स्कैन कर शराब बिक्री करने और ऑनलाइन पेमेंट लेने के सख्त निर्देश दिए गए। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया अवैध शराब की बिक्री रोकने और वैध शराब की बिक्री सुनिश्चित कर राजस्व बढ़ाने के लिए इस तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। आबकारी निरीक्षकों को लगातार हाईवे, ढाबा, औद्योगिक क्षेत्र एवं खादर क्षेत्रों में चेकिंग करने के सख्त निर्देश दिए गऐ है। ढाबा संचालकों को किसी भी हालत में अवैध रूप से अवैध शराब की बिक्री न करने की चेतावनी दी गई है। अवैध शराब की बिक्री मिलने पर संबंधित ढाबा मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रतौली बिजनौर देशी, खसरवारा देशी विदेशी, बियर ,कटी बगिया देशी, विदेशी, बियर सिकंदरपुर बंथरा विदेशी शराब  दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, गुप्त रूप से खरीदारी की गई। इसके अलावा बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल की भी चेकिंग की गई।

त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद शादी सीजन में अवैध रुप से बिना लाइसेंस के शराब पिलाने वालों पर कार्रवाई करने के लिए आबकारी विभाग की टीमें मैरिज हाल, शादी कार्यक्रम कराने वाले होटल, बरात घरों की जांच कर रही है। साथ ही संचालकों को भी सख्त हिदायत दी जा रही है कि बिना लाइसेंस के किसी भी प्रकार शराब पार्टी का आयोजन नहीं होना चाहिए। शादी पार्टियों में बिना लाइसेंस शराब पार्टी का आयोजन किया, तो कार्रवाई की जायेगी। शादी के सीजन में बिना लाइसेंस शराब पार्टी करने को लेकर आबकारी महकमा सख्त हो गया है। जिसके चलते पैनी नजर रखने व कार्रवाई करने के लिए 15 टीम का गठन किया गया है। शादी पार्टी व अन्य कार्यक्रम के दौरान शराब परोसना आम बात हो चुकी है। शादी व अन्य कार्यक्रमों में शराब पार्टी का आयोजन होता है। इसके लिए एक दिन का लाइसेंस बनवाना जरूरी होता है।

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया शादी व अन्य कार्यक्रम में शराब पिलाने को एक दिन का लाइसेंस लेने के लिए 11 हजार रुपये का शुल्क देना होगा। एक दिन का लाइसेंस मिलने पर आबकारी विभाग के माध्यम से या अपने से भी शराब खरीदकर पिला सकता है। परमिशन भी सिर्फ उत्तर प्रदेश शराब की रहेगी। ऐसा न हो कि आबकारी विभाग से लाइसेंस लेने के बाद बाहरी राज्यों की शराब परोसी जाए। इस प्रकार की सख्ती होने पर शादी में शराब पीकर हुड़दंग करने वालों पर भी अंकुश लगेगा। शादी के बाद देर रात होने वाले सड़क हादसों में भी कमी आएगी। ऑकेजनल बार लाइसेंस (एफएल-11) प्राप्त करने के लिए आबकारी विभाग की वेबसाइट पर किया जा सकता है। इसके अलावा यही नियम ढाबों पर भी लागू होगा। पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना दोनों किया जाएगा।