हरनंदीपुरम से हुसैनपुर तक: 170वीं बोर्ड बैठक में जीडीए ने खींची विकास की नई लकीर

– किसानों को राहत, उद्यमियों को प्रोत्साहन और जनता को सुविधाएं: जीडीए बोर्ड बैठक में हुआ ऐलान
– टाउनशिप, औद्योगिक नगरी और भूखंड आवंटन पर लगी मुहर
– मधुबन-बापूधाम से हरनंदीपुरम तक: गाजियाबाद के सुनहरे भविष्य की तैयारी में जुटा जीडीए
– 16 प्रस्ताव, एक संकल्प: गाजियाबाद को जलभराव, बेरोजगारी और अव्यवस्था से मुक्ति दिलाने की पहल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 170वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को मेरठ मंडलायुक्त एवं जीडीए बोर्ड चेयरमैन ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। यह बैठक विकास के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक साबित हुई, जिसमें हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना, मोदीनगर-हुसैनपुर औद्योगिक टाउनशिप, मधुबन-बापूधाम योजना से जुड़े किसानों को राहत, उत्सव भवन का निर्माण और जोनल डेवलपमेंट प्लान समेत कुल 16 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, ओएसडी राजीव रत्न सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, सीएटीपी अरविंद कुमार और बोर्ड सदस्य पवन गोयल सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे। गाजियाबाद की नव प्रस्तावित हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना पर आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि जिन किसानों से आपसी सहमति बन रही है, उनसे जमीन खरीदकर विकास कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। लेकिन जिन किसानों ने अब तक जमीन देने से इनकार किया है, उनकी जमीन अब भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत अधिग्रहित की जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि जमीन का मूल्यांकन पहले ही डीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तय किया गया है। यह दर सर्किल रेट से चार गुना अधिक है। कई किसानों से सहमति के आधार पर बैनामा भी कराए गए हैं। लेकिन कुछ किसानों की अनिच्छा को देखते हुए अब 489.99 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का रास्ता अपनाया जाएगा। इस योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ाखुर्द और नंगला फिरोज मोहनपुर गांव शामिल होंगे। दूसरे चरण में भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा गांव की जमीन शामिल होगी। कुल मिलाकर यह योजना 501.2173 हेक्टेयर जमीन पर फैलेगी और गाजियाबाद के शहरी विस्तार को नई पहचान देगी। बैठक में दूसरा बड़ा निर्णय मोदीनगर के सैदपुर-हुसैनपुर व डीलना गांव में औद्योगिक टाउनशिप को लेकर लिया गया। यहां पर 61.84 हेक्टेयर सरकारी और 189.24 हेक्टेयर निजी जमीन मौजूद है।
यह इलाका दिल्ली-मेरठ नॉर्दर्न एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ रोड से जुड़ा हुआ है, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस टाउनशिप का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों को बढ़ावा देना है। उद्यमियों को छोटे से बड़े भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकें। इससे न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे मेरठ मंडल की औद्योगिक तस्वीर बदलने की संभावना है। जीडीए की इस बैठक ने गाजियाबाद के भविष्य की नींव और मजबूत कर दी है। हरनंदीपुरम योजना से शहरी विस्तार को बल मिलेगा। हुसैनपुर औद्योगिक टाउनशिप से उद्योग-धंधों को नई ऊर्जा मिलेगी। मधुबन-बापूधाम योजना में किसानों को न्याय और भूखंड मिलने से ग्रामीण-शहरी समन्वय मजबूत होगा। उत्सव भवन और अन्य सामाजिक योजनाएं आम नागरिकों के जीवन को सुविधाजनक बनाएंगी।
मधुबन-बापूधाम योजना: 15 साल बाद किसानों को भूखंड
• जीडीए की बोर्ड बैठक का एक और ऐतिहासिक निर्णय मधुबन-बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों को भूखंड आवंटन का रहा।
• यह योजना वर्ष 2004 में छह गांवों की 1,234 एकड़ जमीन पर शुरू की गई थी।
• इसमें 800 एकड़ जमीन का अधिग्रहण तत्कालीन मुआवजा दर पर हुआ था।
• जबकि शेष 281 एकड़ जमीन के किसान सुप्रीम कोर्ट चले गए।
• वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया और नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उन्हें मुआवजा दिलाया।
अब बोर्ड बैठक ने लिया फैसला
• 800 एकड़ जमीन वाले किसानों को 6% विकसित भूखंड मिलेगा।
• 281 एकड़ वाले किसानों को 20% भूखंड मिलेगा।
इस फैसले से 1063 किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। जीडीए ने स्पष्ट किया है कि किसानों को भूखंड आवंटन के लिए 10,236 रुपये प्रति वर्गमीटर विकास शुल्क देना होगा।
श्मशान घाट के पास मिले भूखंड होंगे स्थानांतरित
मधुबन-बापूधाम योजना में करीब 373 लोगों को 13 साल पहले श्मशान और कब्रिस्तान के पास भूखंड दिए गए थे। अब बोर्ड बैठक ने इनके भूखंड स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। आवंटियों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए जीडीए ने नया लेआउट पास कर दिया है। एक महीने के भीतर इन भूखंडों को नई जगह पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। शहरवासियों की सामाजिक जरूरतों को देखते हुए बोर्ड बैठक में उत्सव भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई। यह एक आधुनिक सामुदायिक केंद्र होगा, जहां शादी-ब्याह, पारिवारिक और सामाजिक आयोजन किफायती दरों पर किए जा सकेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
बैठक में अन्य कई प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें ग्राम डासना स्थित सुंदरदीप एजुकेशनल सोसाइटी की 8.93 हेक्टेयर भूमि को कृषि से संस्थागत उपयोग में बदलने का निर्णय लिया गया। गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर महायोजना-2031 के अंतर्गत शेष क्षेत्रों का जोनल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए कंसलटेंट का चयन। जीडीए की लगभग 4000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों की बिक्री का रास्ता साफ हो गया।
विकास का नया रोडमैप: किसानों से लेकर उद्यमियों तक सबको लाभ
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 170वीं बोर्ड बैठक ने यह साबित कर दिया कि विकास केवल इमारतें खड़ी करने का नाम नहीं है, बल्कि यह किसानों की भागीदारी, उद्यमियों की प्रगति और आम जनता की सुविधाओं का संतुलन है। हरनंदीपुरम और हुसैनपुर योजनाएं आने वाले समय में गाजियाबाद को नई टाउनशिप और औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान दिला सकती हैं। वहीं, मधुबन-बापूधाम योजना में किसानों को भूखंड आवंटन से लंबे समय से चल रही नाराजगी दूर होगी।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का लक्ष्य किसानों, उद्यमियों और आम जनता के बीच संतुलन बनाकर विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। हरनंदीपुरम योजना और हुसैनपुर औद्योगिक टाउनशिप शहर के लिए गेमचेंजर साबित होंगी। मधुबन-बापूधाम योजना में किसानों को भूखंड आवंटन से वर्षों पुराना विवाद खत्म होगा और विकास कार्य गति पकड़ेगा।