-नगर आयुक्त मलिक की सख्ती का असर, बारिश में नहीं डूबा शहर
-तकनीकी सफाई ने दिखाया कमाल, मोहन नगर समेत कई क्षेत्रों को मिला जलभराव से निजात
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर की सबसे बड़ी समस्या जलभराव बन जाती थी। सड़कों पर पानी भरने से जहां आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था, वहीं यातायात भी लंबे जाम से पस्त हो जाता था। लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अगुवाई में नगर निगम ने तकनीकी रणनीति और सघन सफाई अभियान चलाकर गाजियाबाद को जलभराव से स्थाई राहत दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। पिछले सप्ताह लगातार चार घंटे तक 100 एमएम की बारिश ने शहर की कार्यप्रणाली की परीक्षा ली। मगर इस बार तस्वीर बदली हुई थी। उन इलाकों में भी, जिन्हें हर साल जलभराव का हॉटस्पॉट माना जाता था, इस बार पानी की निकासी लगातार होती रही। कहीं भी लंबे समय तक पानी ठहरने की स्थिति सामने नहीं आई। यह बदलाव नगर निगम के सतत प्रयासों का प्रमाण है। मोहन नगर चौराहे की समस्या को नगर निगम ने इस बार गहराई से जांचा।
खोजबीन में बीस साल पुरानी पाइप लाइन और दबे हुए मेनहोल का पता चला। इन्हें खोलते ही जल निकासी का रास्ता साफ हुआ और दशकों से जमी समस्या का स्थाई समाधान सामने आया। क्षेत्रीय आरडब्ल्यूए अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह कदम ऐतिहासिक है। नगर निगम ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद अब तक केवल कागजों पर ही की जाती थी। नगर निगम के अभियान ने केवल मोहन नगर ही नहीं, बल्कि पूरे शहर की तस्वीर बदल दी। वसुंधरा में आरआरटीएस के नीचे भरने वाले पानी का स्थाई समाधान हुआ। पटेल नगर में नाले की तकनीकी सफाई से पानी की निकासी तेज हो गई। शालीमार गार्डन और विजयनगर में नियमित सफाई ने बरसात के बीच भी राहत दिलाई। चंद्रपुरी और कवि नगर में भी लगातार अभियान चलाकर जलभराव कम किया गया। इस पूरे अभियान के दौरान अधिकारी केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मैदान में उतरकर हर स्थिति पर खुद निगरानी की।
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। जलकल विभाग के अधिकारी आश कुमार और उनकी टीम दिन-रात सक्रिय रही। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल इस सीजन के लिए नहीं, बल्कि स्थाई समाधान की दिशा में उठाया गया कदम है। लक्ष्य है कि गाजियाबाद को पूरी तरह जलभराव मुक्त शहर बनाया जाए। बारिश के बीच राहत महसूस करने के बाद स्थानीय लोगों ने निगम की पहल को सराहा। कई नागरिकों ने कहा कि नगर निगम की सक्रियता ने उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से छुटकारा दिलाया है। अब शहरवासियों को भरोसा है कि गाजियाबाद वाकई बदल रहा है और आने वाले दिनों में शहर स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट बनकर सामने आएगा।

















