-दो दिन में रिकॉर्ड तोड़ बोली, इंदिरापुरम, वैशाली, मधुबन-बापूधाम समेत कई क्षेत्रों में हुई बिक्री
उदय भूमि
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा आयोजित दो दिवसीय भव्य नीलामी में कुल 91.33 करोड़ रुपए की संपत्तियां बेची गईं। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में एवं ओएसडी कनिका कौशिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार,वरिष्ठ सहायक प्रभात चौधरी आदि की मौजूदगी में लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में सुबह 11 बजे से नीलामी का आयोजन किया गया। इस नीलामी में आवासीय भूखंड, व्यावसायिक भूखंड, सामुदायिक भवनों सहित कई महत्वपूर्ण संपत्तियां शामिल थीं। बोलीदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिससे जीडीए को उम्मीद से ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ। नीलामी का दूसरा दिन मंगलवार को 56.90 करोड़ की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई। इंदिरापुरम, वैशाली, सूर्यनगर, प्रताप विहार, राजेंद्र नगर योजना, कर्पूरीपुरम योजना सहित कई क्षेत्रों की संपत्तियां नीलाम हुईं।
मंगलवार को कुल 56 करोड़ 90 लाख 93 हजार 820 रुपए की संपत्तियों की बिक्री हुई। गाजियाबाद के प्रमुख क्षेत्रों में संपत्तियों की भारी मांग बनी हुई है। जीडीए द्वारा पहले भी 281 करोड़ रुपए की संपत्तियों की नीलामी की जा चुकी है। हालिया नीलामी में 91.33 करोड़ रुपए की संपत्तियों की बिक्री से यह साबित हो गया कि रियल एस्टेट निवेशकों और आम नागरिकों के बीच गाजियाबाद तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बना हुआ है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि बोलीदाताओं ने जबरदस्त रुचि दिखाई और संपत्तियों को खरीदने के लिए बढ़चढ़कर बोली लगाई। यह गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
• इंदिरापुरम न्यायखंड-1 और ज्ञानखंड-2 में आवासीय भूखंडों की बिक्री
• वैशाली सेक्टर-2 और 3 में कन्वीनियंट शॉप के लिए जबरदस्त बोली
• मधुबन-बापूधाम और बृज विहार योजना में सामुदायिक केंद्रों की 10 साल की लीज पर बिक्री
• गाजियाबाद रोडवेज बस अड्डे पर ऑटो स्टैंड का भी नीलामी में सौदा
सोमवार का दिन भी रहा शानदार: 34.42 करोड़ रुपए की संपत्तियां बिकीं
-स्वर्णजयंतीपुरम योजना: 27 आवासीय भूखंडों की बिक्री
-बृज विहार योजना: 2 भूखंड बिके
-मधुबन-बापूधाम योजना: 1 मिल्क बूथ और 1 एटीएम कियोस्क
-30 कन्वीनियंट शॉप भी नीलाम हुईं
पहले दिन 34 करोड़ 42 लाख 43 हजार 491 रुपए की संपत्तियों की बिक्री हुई, जिससे जीडीए को जबरदस्त राजस्व मिला। नीलामी के पहले दिन भी खरीदारों ने जबरदस्त रुचि दिखाई।
गाजियाबाद में निवेश का सुनहरा मौका
गाजियाबाद में अगले कुछ वर्षों में संपत्तियों की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है। जिन लोगों ने इस नीलामी में संपत्तियां खरीदी हैं, उन्हें भविष्य में शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद है। जीडीए जल्द ही नई योजनाओं के तहत और भी भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी कर सकता है। यदि आप निवेश का सुनहरा मौका नहीं गंवाना चाहते, तो जीडीए की आगामी नीलामी पर नजर बनाए रखें।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने नीलामी की सफलता पर कहा कि इस दो दिवसीय नीलामी में बोलीदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और संपत्तियों को खरीदने के लिए बढ़चढ़कर भाग लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि गाजियाबाद में रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ रही है। जीडीए को इस नीलामी से 91.33 करोड़ रुपए की आय हुई है, जो शहर के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। भविष्य में भी हम पारदर्शी तरीके से नीलामी आयोजित कर निवेशकों और आम नागरिकों को लाभ पहुंचाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जीडीए जल्द ही नई योजनाओं के तहत और भी भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करेगा, जिससे गाजियाबाद में निवेश के और अवसर खुलेंगे।
जीडीए का खजाना भर रहे जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में प्राधिकरण को लगातार आर्थिक मजबूती मिल रही है। हाल ही में आयोजित दो दिवसीय नीलामी में 91.33 करोड़ रुपए की संपत्तियों की बिक्री हुई, जिससे जीडीए के खजाने में बड़ी राशि जुड़ी। पिछले कुछ महीनों में जीडीए करीब 281 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां बेच चुका है, जिससे गाजियाबाद के विकास कार्यों को गति मिल रही है। अतुल वत्स के निर्देश पर नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाया गया है, जिससे निवेशकों और आम नागरिकों का विश्वास बढ़ा है। आने वाले समय में जीडीए नई योजनाओं की नीलामी कर और अधिक राजस्व जुटाने की तैयारी में है।

















