राजनगर एक्सटेंशन में जीडीए ने किया अवैध निर्माण ध्वस्त, शराब की दो दुकानों पर सील

-फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण हटाया, पार्किंग और अस्थाई दुकानों का सफाया

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में शुक्रवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर के माध्यम से फुटपाथ और सड़क के हिस्से में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और शराब की दो अवैध दुकानों को सील किया। यह कार्रवाई उपाध्यक्ष जीडीए अतुल वत्स के निर्देश के अनुरूप की गई, जिन्होंने दो दिन पहले ही क्षेत्र का निरीक्षण कर इस बात के आदेश दिए थे कि अवैध निर्माण और अवैध शराब की दुकानों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएँ। जूडियो शोरूम और वीवीआईपी मॉल के निकट फुटपाथ और सड़क के हिस्से में पार्किंग संचालित की जा रही थी, जिससे क्षेत्र में अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती थी।

जीडीए प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर से यह अतिक्रमण हटाकर न केवल सड़क और फुटपाथ को आम जनता के उपयोग के लिए मुक्त कराया बल्कि सुरक्षा और यातायात सुचारू बनाए जाने में भी योगदान दिया। प्रवर्तन टीम ने 24 मीटर, 30 मीटर और 40 मीटर चौड़ी सड़कों पर लगाई गई अस्थाई दुकानों और पटरी पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया। राजनगर रेजीडेंसी के सामने एंगिल के सहारे चल रहे रेस्टोरेंट और दुकानों को ध्वस्त किया गया। इससे सड़क किनारे अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त हुआ और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ। इस कार्रवाई के दौरान राजनगर एक्सटेंशन की 45 मीटर चौड़ी रोड पर अशोक चौधरी द्वारा संचालित लगभग 400 वर्ग मीटर की अवैध शराब की दुकान को सील किया गया। इसके अलावा एक अन्य अवैध शराब की दुकान को भी बंद कराया गया। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि शराब की दुकानों को सील करने के पीछे जनता की सुरक्षा और अवैध व्यापार को रोकने की प्रमुख वजह है।

जीडीए की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया, लेकिन जीडीए पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। प्रवर्तन टीम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और भविष्य में भी ऐसे सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करते हैं बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी खतरा हैं। हमने निर्देश दिए हैं कि कोई भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसे निर्माणों के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। जनता से भी अपील है कि वे अवैध निर्माण स्वयं हटा लें, अन्यथा प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि जीडीए की यह कार्रवाई सतत रूप से जारी रहेगी। शहरवासियों से अनुरोध किया गया है कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण से दूर रहें और अपने अधिकार क्षेत्र में नियमों का पालन करें।