डेंगू-मलेरिया के खिलाफ जीडीए का विशेष फॉगिंग अभियान शुरू, शहरवासियों से सहयोग की अपील

-मधुबन-बापूधाम, तुलसी निकेतन और राजनगर एक्सटेंशन में फॉगिंग, एओए और आरडब्ल्यूए को सतर्क रहने के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने व्यापक फॉगिंग अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशन में चलाया जा रहा है और इसके साथ ही नागरिकों को जागरूक करने के लिए टनटनाहट के माध्यम से संदेश पहुँचाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मधुबन-बापूधाम, तुलसी निकेतन, कोयल एन्क्लेव और राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र सहित विभिन्न कॉलोनियों में फॉगिंग कर मच्छरों की रोकथाम की जा रही है। साथ ही स्थानीय निवासियों और एओए को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसर में सफाई और जल संचयन की नियमित निगरानी करें ताकि कहीं भी जलभराव न हो और मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। जीडीए ने निजी बिल्डरों द्वारा विकसित टाउनशिपों में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एओए सेल को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सभी एओए और आरडब्ल्यूए को दिशा-निर्देश जारी करे और अनुपालन की नियमित समीक्षा करे।

नागरिकों से अपील करते हुए जीडीए ने कहा कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, बाल्टी और गमलों का पानी समय-समय पर बदलें। छतों पर पड़े पुराने टायर और अन्य वस्तुओं में पानी न रुके और मच्छर रोधी उपायों का नियमित प्रयोग करें। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ शहर का भौतिक विकास नहीं, बल्कि नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डेंगू और मलेरिया से सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और अपने घरों व आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। तभी यह अभियान पूरी तरह प्रभावी होगा।

जीडीए ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इस अभियान को और प्रभावी बनाया है। अभियान के दौरान फॉगिंग के साथ-साथ नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए बैनर, पोस्टर और मोबाइल टनटनाहट के माध्यम से संदेश पहुँचाए जा रहे हैं। इस विशेष अभियान के सफल होने के लिए अधिकारियों ने यह भी कहा कि हर एओए और आरडब्ल्यूए नियमित रूप से अपने परिसर की सफाई कराएं और किसी भी जलभराव की सूचना तत्काल प्राधिकरण को दें। इस प्रकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का यह कदम डेंगू और मलेरिया मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में उभर रहा है।