-गाजियाबाद को ‘ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम, प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश
-प्रमुख सचिव ने निगम मुख्यालय में शौचालय का फीता काटकर किया उद्घाटन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को ‘ग्रीन गाजियाबाद बनाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निगम और प्रशासन को संयुक्त रूप से योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर यह दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ और शुद्ध पर्यावरण देने के लिए प्रभावी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। बैठक में प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल सहित अन्य अधिकारियों के साथ नगर निगम और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। नगर निगम मुख्यालय में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए नवीन सुलभ शौचालय का प्रमुख सचिव और नगर आयुक्त ने फीता काटकर उद्घाटन किया।
इस मौके पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि शौचालयों की स्वच्छता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को कोई असुविधा न हो। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गाजियाबाद को हरित शहर (ग्रीन सिटी) बनाने के लिए जीडीए और नगर निगम के पार्कों को विकसित और सुंदर बनाया जाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आधुनिक एंटी स्मोक गन और वॉटर स्प्रिंकलर मशीन का डेमो भी देखा। इसके अलावा, सेल्फ-प्रोपेल्ड रोड शिपिंग मशीन का भी परीक्षण किया गया। गाजियाबाद को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने के लिए जीडीए, नगर निगम और प्रशासन संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और नागरिकों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। बैठक के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
ग्रीन गाजियाबाद अभियान के तहत हम पार्कों का विकास, वृक्षारोपण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण जैसी योजनाओं को तेजी से लागू कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अत्याधुनिक एंटी-स्मोक गन और वॉटर स्प्रिंकलर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में ‘वेस्ट टू वंडर पार्कÓ और ‘रामायण थीम पार्कÓ विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शहर में कूड़ा निस्तारण की प्रभावी रणनीति बनाई जा रही है, जिससे स्वच्छता बनी रहे और नागरिकों को स्वस्थ वातावरण मिले। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे नगर निगम की पहल में सहयोग करें और गाजियाबाद को हरित व स्वच्छ शहर बनाने में योगदान दें। बैठक में अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रकाश प्रभारी कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित नगर निगम और जीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम और जीडीए की प्रस्तुतियां
बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रजेंटेशन दी। इसमें इंदिरापुरम क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों और प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने 2025-26 और 2027 की योजनाओं को लेकर जानकारी साझा की।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट
नगर आयुक्त ने ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के तहत चल रहे कार्यों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट पर जानकारी दी। इसमें पार्कों और ग्रीन बेल्ट से निकलने वाले वेस्ट के निस्तारण की रणनीति बताई गई।
वेस्ट टू वंडर और रामायण थीम पार्क की योजना
त्रष्ठ्र ने प्रमुख सचिव को बताया कि इंदिरापुरम में ‘वेस्ट टू वंडर पार्कÓ और कोयल एन्क्लेव योजना के तहत ‘रामायण थीम पार्कÓ बनाने की योजना है। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन प्रोजेक्ट्स को विकसित किया जाएगा।
जन सहभागिता से जागरूकता अभियान
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि जनभागीदारी सुनिश्चित कर सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत नगर निगम मुख्यालय में बन रही बिल्डिंग का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने के निर्देश दिए।


















