जीडीए ने अवैध लेदर फैक्ट्री, पेपर मिल और बैंक्वेट हॉल किया सील

-उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने डासना क्षेत्र में अवैध निर्माण और संचालन पर लगाई रोक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) प्रवर्तन टीम ने बुधवार को डासना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित लेदर फैक्ट्री, पेपर मिल और बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त करने तथा अवैध संचालन पर रोक लगाने के सख्त आदेश के तहत की गई। केंद्रीय कार्रवाई जीडीए प्रवर्तन जोन-5 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल के नेतृत्व में हुई। उनके साथ सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह और सुनील कुमार, जीडीए पुलिस बल और वेव सिटी थाना पुलिस भी मौजूद रही।

डासना के भूडगढ़ी में मैसर्स शफी (एक्सक्लूसिव लेदर फैक्ट्री) का लगभग 5,000 वर्ग मीटर के भूखंड में स्थित परिसर में 1,800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित हो रही थी। सीलिंग के दौरान फैक्ट्री संचालकों और अधिकारीयों के बीच काफी बहस भी हुई, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में इसे सील कर दिया गया। इसी तरह अचल गोयल द्वारा भूडगढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया में नाले के पास लगभग 12 और 150 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना अनुमति के शेड निर्माण कराया जा रहा था, जिसे भी सील किया गया। इसके अलावा हाजी नवी अली के बैंक्वेट हॉल और बारात घर को 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से संचालित करने के लिए सील किया गया। सबसे बड़े प्रकरण में पवन कुमार सिंघल की गंगा पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से पेपर मिल का संचालन किया जा रहा था, जिसे भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

जीडीए प्रवर्तन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री, बैंक्वेट हॉल और पेपर मिल मालिकों में हड़कंप मच गया। यह सभी इकाइयां लंबे समय से नियमों के उल्लंघन के बावजूद संचालित हो रही थीं। जीडीए प्रवर्तन जोन-5 प्रभारी ने आमजन और भू-स्वामियों से अपील की है कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व आवश्यक स्वीकृति जरूर प्राप्त करें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि शहर के सुव्यवस्थित विकास में योगदान किया जा सके। जीडीए प्रवर्तन टीम ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और अनाधिकृत संचालन के खिलाफ यह अभियान निरंतर और सख्ती से जारी रहेगा।