जीडीए के बनेंगे 15 जोन, बिल्डरों का होगा स्ट्रैक्चरल सेफ्टी का ऑडिट

-मेरठ में 27 जनवरी को होगी जीडीए बोर्ड बैठक, रखे जा सकेंगे 16 प्रस्ताव

उदय भूमि
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 167वीं बोर्ड बैठक आगामी 27 जनवरी यानि कि सोमवार को मेरठ में मंडलायुक्त सभागार में प्रस्तावित की गई है। बोर्ड बैठक की मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोध ने तारीख फाइनल कर दी है। मंडलायुक्त द्वारा बोर्ड बैठक की तारीख फाइनल किए जाने के बाद अब जीडीए के विभिन्न अनुभागों द्वारा बोर्ड बैठक में रखे जाने वाले प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि बोर्ड बैठक में लगभग 16 प्रस्ताव रखे जाएंगे। इन प्रस्तावों का एजेंडा जल्द तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए अनुभाग के प्रभारियों को प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि बोर्ड बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव बिल्डरों द्वारा गु्रप हाउसिंग के तहत निर्मित किए जाने वाली सोसायटियों के स्ट्रैक्चरल सेफ्टी ऑडिट संबंधी प्रस्ताव लाया जाएगा। इसमें बिल्डरों या फिर एओए को मेजर और माइनर डिफेक्ट से संबंधित ऑडिट कराना होगा। इसका बिल्डर या एओए का शपथ पत्र देना होगा। इसके अलावा पेट्रोल पंप के भूखंड में परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव रखा जाएगा।

इंद्रप्रस्थ योजना में यह भूखंड प्रस्तावित हैं। इनके अलावा नए मास्टर प्लान-2031 में जीडीए के 15 जोन प्रस्तावित किए गए है। जीडीए के 15 जोन बनाने के लिए इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। सूर्यनगर स्थित जीडीए का पुरानी बनीं बिल्डिंग को महिला छात्रावास के लिए लीज रेंट पर दिया जाएगा। पुराना रोडवेज बस अड्डा की प्रदेश शासन के आदेश पर लीज अवधि बढ़ाई गई है। इससे संबंधित नक्शा व अन्य समस्याएं दूर करने के लिए प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना से प्रभावित किसानों को 600 प्लॉट आवंटित करने संबंधी प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसमें 800 एकड़ जमीन से प्रभावित किसानों को पहले ही जीडीए 112 प्लॉट आवंटित कर चुका हैं। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि किसानों को दिए जाने वाले भूखंडों में डेवलपमेंट चार्ज लिया गया।

जबकि जमीन की कीमत नहीं ली गई। बोर्ड बैठक में इस संबंध में भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा अन्य कुछ प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे। खास बात यह है कि जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने गूगल अर्थ से मेरठ रोड पर बसंतपुर सैंथली गांव के पास वर्ष-2022 में बनाए गए अवैध वेयर हाउस को खोज निकाला है। यह वेयर हाउस ग्रीन बैल्ट की भूमि पर बनाया गया है। जबकि ग्रीन बैल्ट पर कोई भी निर्माण मान्य है। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि इस संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही उस अवधि में कौन अधिकारी तैनात रहे। इसकी जानकारी कर उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे।

बहुमंजिला बिल्डिंगों के खत्म होंगे विवाद
इस बोर्ड बैठक में बहुमंजिला इमारतों के विवादों को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत जीडीए से नक्शा पास कराने के बाद भविष्य में किसी भी बहुमंजिला इमारत का निर्माण होता है, तो उसके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी बिल्डर की होगी। इसके लिए बिल्डर को प्रत्येक तीन साल में इमारत के ढांचे का ऑडिट कराना होगा, जिसकी रिपोर्ट जीडीए में जमा करनी होगी। यह प्रक्रिया आजीवन चलती रहेगी। वहीं, जब बिल्डर इमारत एओए को हैंडओवर कर देगा, तो इमारत के ढांचे का ऑडिट एओए को कराना होगा। जीडीए की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। फिर जिस बहुमंजिला इमारत का नक्शा पास होने के लिए आएगा, उसे इसे स्वीकार करना होगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने से सोसाइटियों से इमारत के ढांचे में होने वाली गड़बडिय़ों की शिकायत खत्म हो जाएंगी। साथ ही वहां रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।