अवैध निर्माण के खिलाफ गरज रहा जीडीए का बुलडोजर, मोदीनजर में 22 बीघा में अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने के साथ वैशाली में तोड़ा फ्लैट

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर अनाधिकृत कॉलोनियों व अवैध निर्माण पर जीडीए प्रवर्तन टीम लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-2 केे प्रभारी अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार के नेतृत्व में सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता सचिन अग्रवाल ने जीडीए पुलिस और मोदीनगर थाना पुलिस की मौजूदगी में मोदीनगर के मानवतपुरी ग्राम के पास अवैध रूप से 22 बीघा क्षेत्रफल में काटी जा रही अवैध कॉलोनी में भूखंडों की बाउंड्रीवाल, सड़क, बिजली पोल,अवैध मकान को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी लवकेश कुमार ने बताया कि अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने के अलावा इसी क्षेत्र में संचालित अवैध फैक्ट्री को भी सील किया गया। इसका निर्माणकर्ता ममता गर्ग पत्नी रवींद्र प्रकाश गर्ग की गोविंदपुरी मोदीनगर में अवैध फैक्ट्री थी।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजर और निर्माणकर्ताओं ने जमकर विरोध किया। मगर पुलिस ने लाठी फटकार कर उन्हें वहां से भगा दिया। लोगों से यह भी अपील की गई कि अनाधिकृत रूप से विकसित की जा रही कालोनी में भूखंड़ों का क्रय-विक्रय न करें। वहीं,जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर वैशाली में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि अवैध निर्माण एवं अवैध कॉलोनियों को चिह्नित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश जारी किए कि जनपद में कहीं भी कोई भी अवैध कालोनी निर्मित नहीं होनी चाहिए। साथ ही अवैध कालोनियों को चिह्नित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि अगर किसी अधिकारी द्वारा कार्यों के प्रति असंवेदनशीलता बरती जाती है या फिर लापरवाही पाई गई,तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में शुक्रवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-6 के प्रभारी अधिशासी अभियंता आलोक रंजन के नेतृत्व में अवर अभियंता गोपाल कृष्ण आदि ने जीडीए पुलिस एवं कौशांबी थाना पुलिस की मौजूदगी में वैशाली सेक्टर-5 भवन संख्या-105 एचआईजी फ्लैट में विनीता रोहतगी द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। जीडीए की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ता ने जमकर विरोध किया। मगर जीडीए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।