गाजियाबाद नगर निगम ने जल संरक्षण में रचा इतिहास, देश-राज्य स्तर पर मिला सम्मान, भारत में पाँचवां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल

-आवास एवं शहरी मंत्रालय ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर दी बधाई, 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार घोषित
-जनभागीदारी से सफल अभियान, नागरिकों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति किया जागरूक
-तालाबों का जीर्णोद्धार और पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से भूगर्भ जल स्तर में सुधार
-पाँचों जोन में समन्वित कार्यवाही, जल शक्ति मंत्रालय ने उत्कृष्टता मान्यता से नवाजा
-सतत और दीर्घकालिक योजना, पुरस्कार राशि जल संचयन कार्यों में लगेगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जल संचयन और जल संरक्षण के क्षेत्र में गाजियाबाद नगर निगम ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कुशल नेतृत्व में नगर निगम ने जल संचयन के कार्यों को नई दिशा दी है। नगर निगम की जलकल टीम द्वारा 11,406 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिसमें पार्कों और सार्वजनिक स्थानों में जल संचयन की सुविधाओं के साथ-साथ पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार भी शामिल है। इसके परिणामस्वरूप गाजियाबाद नगर निगम को भारत में पाँचवां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के लिए डी. थारा, अपर सचिव, आवास एवं शहरी मंत्रालय, भारत सरकार ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर बधाई दी और नगर निगम को उत्साहवर्धन किया। साथ ही 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार जल संचयन कार्यों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रदान करने की घोषणा भी की गई।

गाजियाबाद नगर निगम ने जल संरक्षण को केवल प्रशासनिक कार्य तक सीमित नहीं रखा, बल्कि शहरवासियों को भी इस अभियान में शामिल किया। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के माध्यम से नागरिकों को जल संचयन के महत्व और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी गई। नगर निगम की यह पहल न केवल राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई, बल्कि शहरवासियों में भी जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का काम किया। नगर निगम ने भूगर्भ जल स्तर में सुधार के लिए पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की स्थापना की है। लगभग 140 तालाबों का जीर्णोद्धार और पुनर्जीवन कर उन्हें जल संचयन के लिए उपयुक्त बनाया गया। जलकल विभाग के अधिकारियों ने इन कार्यों को प्रभावी ढंग से संपन्न किया। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त ने टीम को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएँ दी। महाप्रबंधक जल, कामाख्या प्रसाद आनंद ने बताया कि भविष्य में नगर निगम द्वारा तालाबों और अन्य जल संचयन संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे केवल जल संचयन में वृद्धि नहीं होगी, बल्कि भूगर्भ जल स्तर में सुधार भी सुनिश्चित होगा।

नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की टीम ने पाँचों जोन में 11,406 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया है। इसके अलावा लगभग 140 तालाबों को व्यवस्थित करने का कार्य भी नगर निगम द्वारा निरंतर जारी है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में गाजियाबाद नगर निगम की यह पहल उत्कृष्ट मानी गई। नगर निगम ने शहरवासियों के साथ-साथ माननीय पार्षदों को भी इस अभियान में शामिल किया। जल संचयन के प्रति जनभागीदारी ने नगर निगम के प्रयासों को और सुदृढ़ किया। गाजियाबाद नगर निगम को मिलने वाला 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार सीधे जल संचयन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाओं में लगाया जाएगा। नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक पुरस्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत प्रक्रिया के रूप में जारी रहेगा।

नगर निगम के प्रयासों से न केवल गाजियाबाद में जल संकट कम होगा, बल्कि यह अभियान अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस उत्कृष्ट कार्य से गाजियाबाद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचाइयों पर पहुंच गया है और शहरवासियों में जल संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है। नगर निगम ने भविष्य में जल संचयन के कार्यों को और बढ़ाने की योजना बनाई है। तालाबों के जीर्णोद्धार, नए जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यवस्थित करने के साथ-साथ नागरिकों को नियमित रूप से जागरूक किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गाजियाबाद में जल संरक्षण एक स्थायी और प्रभावी प्रणाली के रूप में स्थापित हो।

सुनीता दयाल
महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।

गाजियाबाद नगर निगम की टीम ने पूरे शहर में जल संचयन के कार्यों में अद्भुत समर्पण और मेहनत दिखाई है। यह हमारे शहर और नागरिकों के लिए गर्व का विषय है। जनता की सहभागिता और नगर निगम की योजनाओं के समन्वित प्रयास से हमने जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मैं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देती हूँ। आने वाले समय में हम इस दिशा में और व्यापक प्रयास करेंगे, ताकि हमारे शहर का जल स्तर स्थिर और सुरक्षित रहे।
सुनीता दयाल
महापौर

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

गाजियाबाद नगर निगम जलकल विभाग द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग और तालाबों के जीर्णोद्धार सहित 11,406 जल संचयन संरचनाएँ बनाई गई हैं। इन प्रयासों से भूगर्भ जल स्तर में सुधार हुआ है और नगर निगम को देश-राज्य स्तर पर पुरस्कार और मान्यता मिली है। यह सफलता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का परिणाम है। हम आगे भी जल संचयन की योजनाओं को और विस्तृत करेंगे और सभी तालाबों व जल संरचनाओं पर विशेष ध्यान देंगे। 2 करोड़ रुपये के पुरस्कार का उपयोग भविष्य में जल संरचना और संरक्षण कार्यों में किया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त