उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम को जल संरक्षण और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड-2024-25 में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ग्रीन म्यूनिसिपल बॉन्ड के तहत जल पुन: उपयोग (री-यूज) परियोजना के लिए दिया गया। यह पुरस्कार मिलने पर महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड-2024-25 के दौरान नगर निगम को वाटर डाइजेस्ट एवं यूनेस्को द्वारा म्यूनिसिपल वाटर रियूज प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम को जल संरक्षण और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड-2024-25 में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ग्रीन म्यूनिसिपल बॉन्ड के तहत जल पुन: उपयोग (री-यूज) परियोजना के लिए दिया गया। यह पुरस्कार मिलने पर महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड-2024-25 के दौरान नगर निगम को वाटर डाइजेस्ट एवं यूनेस्को द्वारा म्यूनिसिपल वाटर रियूज प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी ने महापौर, नगर आयुक्त और जलकल विभाग की टीम को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जल संरक्षण और जल पुनर्चक्रण से जुड़ी योजनाओं को साझा किया। नगर निगम की इस उपलब्धि को पूरे गाजियाबाद के लिए गर्व का विषय बताया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा, नोएडा विकास प्राधिकरण, बेंगलुरु इंडस्ट्रीज सहित विभिन्न जल विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वाटर डाइजेस्ट की डायरेक्टर अनुपमा मदहोक सूद ने महापौर और नगर आयुक्त का स्वागत करते हुए नगर निगम की पहल की सराहना की।
टीएसटीपी प्लांट में शोधित जल का पुन: उपयोग
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के अंतर्गत इंदिरापुरम स्थित तृतीयक मलजल उपचार संयंत्र (टीएसटीपी) में शोधित जल का पुन: उपयोग किया जा रहा है। 40 एमएलडी क्षमता वाले इस प्लांट से शोधित जल को औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके। 400 से अधिक आवासीय सोसायटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के अंतर्गत इंदिरापुरम स्थित तृतीयक मलजल उपचार संयंत्र (टीएसटीपी) में शोधित जल का पुन: उपयोग किया जा रहा है। 40 एमएलडी क्षमता वाले इस प्लांट से शोधित जल को औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके। 400 से अधिक आवासीय सोसायटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया।
जल संरक्षण के लिए नगर निगम की पहल
नगर निगम द्वारा जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं:
• मियावाकी वृक्षारोपण: शोधित जल का उपयोग हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
• तालाबों का पुनरोद्धार: हाल ही में 8 तालाबों को पुनर्जीवित किया गया और उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई गई।
• वर्षा जल संचयन प्रणाली: 100 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई।
नगर निगम द्वारा जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं:
• मियावाकी वृक्षारोपण: शोधित जल का उपयोग हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
• तालाबों का पुनरोद्धार: हाल ही में 8 तालाबों को पुनर्जीवित किया गया और उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई गई।
• वर्षा जल संचयन प्रणाली: 100 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई।
नगर निगम की योजनाएं बनीं मिसाल
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि अपशिष्ट जल उपचार के लिए नगर निगम ने एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है, जो नवाचार और पर्यावरण सतर्कता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस उपलब्धि से गाजियाबाद देशभर में जल संरक्षण मॉडल के रूप में उभरा है।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि अपशिष्ट जल उपचार के लिए नगर निगम ने एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है, जो नवाचार और पर्यावरण सतर्कता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस उपलब्धि से गाजियाबाद देशभर में जल संरक्षण मॉडल के रूप में उभरा है।

















