- राजस्व बढ़ोत्तरी के लिए शराब माफिया पर हो प्रभावी कार्रवाई: डॉ आदर्श सिंह
- राजस्व बढाने के लिए विभिन्न स्रोतों पर भी विचार कर कार्रवाई को दे अंजाम
- बाहरी राज्य से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के साथ दुकानों पर भी रखें पूरी तरह से नियंत्रण
गौतमबुद्ध नगर। शराब की अवैध बिक्री और नकली शराब बेचने वालों पर आबकारी विभाग अपना शिकंजा कस रहा है। साथ ही सरकार के राजस्व को बढ़ाने मेंं भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जिसके लिए बीच-बीच में खुद आबकारी आयुक्त अधिकारियों के साथ मंत्रणा कर दिशा-निर्देश देते रहते है। साथ ही राजस्व वसूली में अच्छा प्रदर्शन करने पर शाबाशी दी जाती है और खराब प्रदर्शन करने वालों की क्लास लगाने से भी आबकारी आयुक्त नहीं चूक रहे है। शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर में आबकारी आयुक्त डॉ आदर्श सिंह ने संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन मेरठ सुनील कुमार मिश्रा की मौजूदगी में मेरठ मंडल के गौतमबुद्ध नगर आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव, गाजियाबाद आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ व बागपत आबकारी अधिकारी के साथ अगस्त 2024 के राजस्व प्राप्ति/ प्रवर्तन कार्यो, आईईएससीएमएस पोर्टल के क्रियान्वयन आदि बिंदुओं पर विशेष चर्चा की। आबकारी आयुक्त द्वारा प्रत्येक जनपद के राजस्व प्राप्ति की प्रगति के साथ प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए उपस्थित समस्त अधिकारियों को अधिकाधिक प्रयास/ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया। आबकारी आयुक्त द्वारा मेरठ मंडल के जनपदों के समस्त मदिरा दुकानों का आईईएससीएमएस पोर्टल पर मंथली स्टॉक टेकिंग (एमएसटी) करने के संबंध में भी जानकारी हासिल की गई और अपूर्ण मदिरा की दुकानों के एमएसटी प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
आधिकाधिक राजस्व अर्जन के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में जनपद के सभी आबकारी अधिकारियों ने राजस्व प्राप्ति और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद आबकारी विभाग द्वारा जुलाई माह और अगस्त माह में अच्छा प्रदर्शन करने पर उनकी पीठ थपथपाई और साथ खराब प्रदर्शन करने वाले आबकारी अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई। आबकारी आयुक्त ने कहा सभी आबकारी अधिकारी अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ राजस्व बढोत्तरी पर भी विशेष ध्यान दें। प्रयास रहें कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक की पूर्ति की जाए और प्रतिदिन एक निर्धारित लक्ष्य की तरह अपनी कार्रवाई को अंजाम दें। दिल्ली-हरियाणा से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। दिल्ली-हरियाणा पर निगरानी के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। जब अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह से शिकंजा कस लिया जाएगा तो राजस्व में बढ़ोतरी भी अपने आप होती रहेगी। बीच-बीच में होटल, बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल आदि संचालकों के साथ उनके यहां होने वाले समारोह में शराब पार्टी के लिए आयोजित कार्यक्रम में ऑकेजनल बार लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे अवैध रुप से होने वाली शराब पार्टी कार्यक्रम को रोका जा सकें। इस तरह के प्रयास से जितने अधिक लाइसेंस आएंगे, उतना ही विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
लाइसेंसी शराब विक्रेताओं को भी सख्त निर्देश दें कि दुकानों पर होनी वाली शराब बिक्री पॉश मशीन के स्कैन के बाद ही किया जाए। बिना पॉश स्कैन के कोई भी मदिरा न बेची जाए। अनुज्ञापियों पर नजर रखने के लिए आबकारी विभाग की एक नई पहल है। मदिरा दुकानों का आईईएससीएमएस पोर्टल पर मंथली स्टॉक टेकिंग (एमएसटी) किया जा रहा है। इस तरह से दुकानों में रखे स्टॉक से लेकर प्रतिदिन होने वाली शराब की बिक्री और उसके ब्रांड की जानकारी विभागीय अधिकारियों को उनके कम्पयूटर पर एक क्लीक पर दिखाई देगी। जिससे अब शराब विक्रेता अब अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे और साथ ही दुकानों पर रखे स्टॉक में गडबड़ी भी नहीं हो सकेगी। आबकारी आयुक्त डॉ आदर्श सिंह ने कहा पूर्व वर्ष से अधिक राजस्व की प्राप्ति के लिए सभी आबकारी निरीक्षकों के साथ प्रतिदिन आबकारी अधिकारी बैठक करें और उन्हें भी कार्रवाई करने के साथ-साथ राजस्व बढोत्तरी के लिए निर्देश देते रहे। साथ ही प्रतिदिन के होने वाली कार्रवाई और राजस्व की रिपोर्ट भी लेते रहे। ध्यान रहें अगर किसी भी जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त ने सभी आबकारी अधिकारियों की रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें प्रोत्साहित करते हुए अपनी कार्रवाई में और अच्छा प्रदर्शन करने की नसीहत दी।
जुलाई और अगस्त में राजस्व वसूली में आगे बढ़ रहा आबकारी विभाग
जनपद में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी कार्रवाई तो कर ही रहा है, साथ राजस्व वसूली में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। आबकारी आयुक्त की बैठक में गौतमबुद्ध नगर आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और गाजियाबाद आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने जुलाई और अगस्त माह में अवैध शराब के खिलाफ हुई कार्रवाई और राजस्व वसूली का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। जिसमें गौतमबुद्ध नगर आबकारी विभाग ने मेरठ मंडल में जुलाई माह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के सभी बड़े जिलों पर अपना दबदबा कायम रखा। अगस्त माह में शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य 165.45 करोड़ में आबकारी विभाग ने 14 दिन में 85 करोड़ की वसूली कर चुका है और शेष वसूली के लिए अपनी रणनीति के तहत कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। वहीं कार्रवाई और राजस्व वसूली में गाजियाबाद आबकारी विभाग भी किसी जनपद से पीछे नहीं है। इन दोनों जिले के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करना है, क्योंकि दोनो ही जनपद दिल्ली की सीमा से सटे हुए हुए है। गाजियाबाद आबकारी विभाग को शासन द्वारा 140.62 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें आबकारी विभाग ने 14 दिन में 77 करोड़ की वसूली कर चुका है। गाजियाबाद दिल्ली की सीमा और गौतमबुद्ध नगर दिल्ली व हरियाणा की सीमा से सटा होने के कारण सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। जिसे लेकर आबकारी अधिकारियों की धड़कने भी हर समय बैचेन रहती है। क्योंकि बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी का रास्ता भी लगभग इन दोनों जिलों से होकर ही गुजरता है। इसलिए आबकारी विभाग हर वक्त अपनी गिद्ध की नजर से अवैध शराब पर अपनी निगरानी बनाए हुए है।


















