• नगर आयुक्त का स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड पायलट प्रोजेक्ट हो रहा सफल, 5 हजार विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता का फाइनल टेस्ट
• 100 स्कूलों में संपन्न हुआ स्वच्छता का फाइनल टेस्ट, हिंदी व इंग्लिश मीडियम के विद्यार्थी कर रहे स्वच्छता की बात
उदय भूमि
गाजियाबाद। जब बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आएगी, तो शहर में स्वच्छता को लेकर सजगता बढ़ेगी। बच्चों का मन साफ-सुथरा होता है, और यदि वे स्वच्छता के महत्व को समझेंगे तो वे न केवल खुद स्वच्छता का पालन करेंगे, बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी प्रेरित करेंगे। बच्चे जब स्वच्छता के बारे में पढ़ते हैं, तो वे समझते हैं कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड जिसकी जानकारी गाजियाबाद के हर जनपद वासी को है। हाल ही में स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड बुक का उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा विमोचन किया गया था। जिसके बाद गाजियाबाद में स्वच्छता की पाठशाला को लेकर और अधिक मजबूती से नगर निगम कार्य कर रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गाजियाबाद की 100 स्कूलों में स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हो, या कचरा पृथक्करण सभी विषयों पर गहनता से विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जिसका फाइनल टेस्ट आज संपन्न हुआ है शिक्षा विभाग का विशेष सहयोग मिला है।
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र ने बताया नगर निगम लगातार शहर वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त के नेतृत्व में विद्यार्थियों को भी स्वच्छता से जोड़ा गया है। जब विद्यार्थी अपने व्यवहार में स्वच्छता को लेंगे तो हर शहर वासी स्वच्छता के प्रति जागरूक होगा। शहर से गंदगी दूर होगी साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रणाली को हर घर समझेगा गीले कचरे से खाद बनाना, तथा रीयूज, रीसायकल, रिड्यूस को भी विद्यार्थी अपना रहे हैं। अपने-अपने घरों में अनुपयोगी वस्तुओं को कचरे में ना फेंक कर ट्रिपल आर मुहिम को अपना रहे हैं। 28 जनवरी को प्रीटेस्ट सभी चिन्हित 100 स्कूलों में कराया गया। 29 तारीख को सभी संबंधित स्कूलों की अध्यापिकाओं की ट्रेनिंग हिंदी भवन में हुई। जिसके क्रम में 31 जनवरी को ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई। जिसके बाद स्वच्छता की पाठशाला चिन्हित स्कूलों में प्रारंभ कराई गई। जो की गाजियाबाद नगर निगम का पायलट प्रोजेक्ट है।
जिसको सफलता अवश्य मिलेगी, बेहतर कार्य कुशल नेतृत्व में कराए जा रहे हैं। छठी सातवीं तथा आठवीं कक्षा कि विद्यार्थियों ने एक ही समय पर अपराहन साढ़े 12 से 1:30 बजे के बीच फाइनल एग्जाम स्वच्छता का दिया। स्वच्छता की पढ़ाई में रुचि भी दिखाई दी। 50 सरकारी और 50 प्राइवेट स्कूलों में एग्जाम हुआ। जिसमें हिंदी और इंग्लिश दोनों मीडियम में स्वच्छता की पढ़ाई विद्यार्थियों को कराई जा रही है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक शहर हित में निरंतर विकास कार्यों के साथ-साथ जन-जन को जागरूक करने का कार्य भी कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छता की पढ़ाई को करना एक अभियान के रूप में है। जिसकी शुरुआत नगर आयुक्त द्वारा की गई है। गाजियाबाद के अलावा अन्य जनपद भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गाजियाबाद नगर निगम का स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड अभियान अपनाएंगे।
शहर की स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी
शहर को स्वच्छ रखना सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कचरा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक कम करें और सफाई कर्मचारियों का सम्मान करें। स्वच्छ वातावरण से बीमारियों में कमी आती है और जीवन बेहतर बनता है। अगर हम जिम्मेदारी समझें, तो हमारा शहर भी चमक सकता है। यह समझ अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराती है और वे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। 
इसके साथ ही, स्कूलों और स्थानीय समुदायों में स्वच्छता अभियान चलाने से बच्चों में नेतृत्व कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है। जब वे अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बदलाव लाते हैं, तो यह उनकी आत्म-सम्मान को बढ़ाता है। इसलिए, अगर हम बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, तो यह न केवल उनके जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि हमारे समाज और शहर को भी स्वच्छ और स्वस्थ बनाएगा। बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करने के लिए हमें उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षा प्रदान करनी चाहिए, जिससे वे भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















