उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में संपत्तियों के सर्किल रेट इस वर्ष नहीं बढ़ाए गए हैं, जिसके बाद शनिवार से उप निबंधक कार्यालयों में पुराने रेट पर ही संपत्तियों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया लागू कर दी गई। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देशों के अनुसार अब संपत्तियों के बैनामे वर्ष-2024 की दरों पर ही होंगे। इससे शहर में घर और दुकान खरीदना आसान होगा और प्रॉपर्टी के लेन-देन में नागरिकों को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई सर्किल दरें जारी की हैं, लेकिन किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई। केवल दो महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। व्यावसायिक निर्माण के लिए सर्किल दर को 16 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और भूमि का बाजार मूल्य पहले से ही ऊंचा है। इसके अलावा, संस्थागत प्लॉट की रजिस्ट्री अब रिहायशी सर्किल रेट के अनुसार होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक और धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल होगी। सहायक आयुक्त निबंधन पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि सर्किल दरों का उद्देश्य सरकार के राजस्व को सुरक्षित रखते हुए संपत्ति लेन-देन को सुगम बनाना है।
इस निर्णय से किसानों को झटका लगा है, क्योंकि उन्होंने कृषि भूमि की दर में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की थी। विशेष रूप से जीडीए की हरनंदीपुरम योजना से जुड़े किसानों को अपेक्षित मुआवजा अधिक नहीं मिलेगा। इस क्षेत्र के किसानों ने सर्किल रेट बढ़ाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया था।
जिलाधिकारी ने सर्किल रेट बढ़ाने से पहले व्यापक चर्चा की। निबंधन विभाग ने बताया कि शहर में बैनामों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है, खासतौर पर तहसील सदर क्षेत्र में। यदि सर्किल रेट में वृद्धि की जाती, तो बैनामों की संख्या में और कमी आने की संभावना थी। वहीं, जीडीए की हरनंदीपुरम योजना के माले में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी, जिस पर 53 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं।
शहर के 10 प्रमुख स्थानों में सर्किल रेट इस प्रकार हैं: कौशांबी 85 हजार से 1.13 लाख, वैशाली 77 हजार से 85 हजार, इंदिरापुरम 80 हजार से 84 हजार, वसुंधरा 66 से 78 हजार, कविनगर 52,200 से 62,400, नेहरूनगर 51,600 से 60 हजार, बजरिया 84 हजार, क्रॉसिंग रिपब्लिक 22 हजार से 27 हजार, राजनगर एक्सटेंशन 28 हजार से 31 हजार और खोड़ा 25 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर। मुख्य मार्गों पर सर्किल रेट गांधी नगर और आंबेडकर रोड 1,44,000, चौपला मंदिर 1,95,600, जीटी रोड 81,600 और लिंक रोड 84,000 रुपए प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने यह निर्णय शासन के निर्देशों और क्षेत्रीय मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया। प्रशासन का मानना है कि स्थिर सर्किल रेट से संपत्ति लेन-देन में गति बनी रहेगी और लोग रजिस्ट्री कराने के लिए आगे आएंगे। साथ ही, जीडीए और अन्य योजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण में भी प्रशासन को संतुलन बनाए रखना होगा। यह निर्णय गाजियाबाद में प्रॉपर्टी बाजार को स्थिर बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों और निवेशकों के लिए सुरक्षा और विश्वास का संदेश भी देता है।
















