किसी भी नागरिक के साथ अन्याय स्वीकार्य नहीं, जनता को वास्तविक राहत देना प्रशासन की जिम्मेदारी: कुँवर महाराज सिंह

-विकास प्राधिकरणों की अनियमितताओं पर विधान परिषद समिति सख्त, गाजियाबाद में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
-अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी, अवैध अतिक्रमण व लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद, जिला पंचायतों एवं नगर निगमों में व्याप्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने और उनकी गहन जांच के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में सोमवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सभापति कुँवर महाराज सिंह ने की, जबकि समिति के सदस्य डॉ. जयपाल सिंह,  विजय बहादुर पाठक, अशोक कटारिया, धर्मेन्द्र कुमार भारद्वाज, पवन सिंह एवं शहनवान खान की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस बैठक में जनपद गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर एवं बुलन्दशहर के संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के शुभारम्भ से पूर्व तीनों जनपदों के अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर, शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर माननीय सभापति एवं समिति के सदस्यों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके उपरांत क्रमवार गौतमबुद्ध नगर, बुलन्दशहर और गाजियाबाद की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। गौतमबुद्ध नगर की समीक्षा के दौरान नामित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर समिति ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर समिति ने प्राधिकरण से संबंधित प्रकरणों के संबंध में अधिकारियों को लखनऊ तलब करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत विभाग, गौतमबुद्ध नगर के कार्यों की सराहना करते हुए समिति द्वारा प्रशंसा भी की गई। बुलन्दशहर की समीक्षा बैठक में भी नामित अधिकारियों के उपस्थित न रहने के कारण समिति द्वारा बैठक को स्थगित कर दिया गया, जिसे प्रशासनिक लापरवाही के रूप में गंभीरता से लिया गया। गाजियाबाद की समीक्षा बैठक के दौरान समिति ने विभागवार प्रकरणों की सूक्ष्मता से जांच की। समिति द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी लंबित मामलों के निस्तारण की आख्या एक माह के भीतर समिति को प्रेषित की जाए। प्रस्तुत बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए समिति ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी स्थिति में अवैध अतिक्रमण नहीं होने दिया जाए और पूर्व में हुए अतिक्रमणों की गहन जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सभापति कुँवर महाराज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो। यदि कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर विभागीय अधिकारियों के पास आता है, तो उसकी बात संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनते हुए तत्काल प्रभाव से गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि प्रशासन का कार्य केवल फाइलों तक सीमित न रहकर जनता को वास्तविक राहत पहुंचाना होना चाहिए। समिति सदस्यों ने ठंड के मौसम को देखते हुए गरीब, असहाय एवं दुर्बल वर्ग के लोगों को ठंड से बचाव हेतु समुचित इंतजाम करने के निर्देश दिए। विभागों को चिन्हित स्थानों सहित अन्य आवश्यक स्थानों पर अलाव जलाने, कंबल वितरण सुनिश्चित करने तथा इस कार्य में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता कराने के निर्देश भी दिए गए। समिति ने मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने पर बल दिया। बैठक में यह भी कहा गया कि विभिन्न जनपदों से पेयजल से संबंधित शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिनके निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

समिति ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति नागरिकों का मूल अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस बैठक में समिति की ओर से हरि प्रताप सिंह (समिति अधिकारी), कपिल श्रीवास्तव (निजी सचिव), अभिषेक पाण्डेय (सहायक समिति अधिकारी), अर्चित वाजयेई (वृत्त लेखा), रविपाल सिंह (अपर निजी सचिव) उपस्थित रहे। वहीं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़, जीडीए उपाध्यक्ष  नन्दकिशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, जीडीए सचिव विवेक मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, एडीएम एल/ए अवनीश कुमार मिश्र, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित सहित विकास प्राधिकरण, नगर निगम, आवास विकास परिषद एवं जिला पंचायती राज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। गौतमबुद्ध नगर एवं बुलन्दशहर से भी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।