-दिन में बाइक को रिपेयर करने का काम और रात होते ही करते थे वाहन चोरी
-दिल्ली एनसीआर में मचाया आतंक, चोरी की 9 बाइक, स्कूटी, तंमचा बरामद
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में दुपहिया वाहन चोरी की वारदातों में शतक लगाने वाले अंतरराज्यीय दो शातिर वाहन चोरों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से पुलिस ने चोरी की बाइक, स्कूटी एवं तंमचा बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी वाहनों की रैकी करते उसके बाद वाहन को चोरी कर उसके पार्टस को अलग-अलग कर कबाड़ी को बेच देते थे। पुलिस को शक न हो इसके लिए गिरोह का एक साथी बाइक मैकेनिक का काम करता था। दिन में बाइक ठीक और रात में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह का एक साथी फरार है।
बुधवार को अंतर्राज्यीय वाहन चोरी की घटना का खुलासा करते हुए डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने कविनगर एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव की मौजूदगी में बताया कि बताया कि कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार की टीम ने बुधवार सुबह चेकिंग के दौरान शास्त्री नगर से प्रिंस उर्फ प्रदीप पुत्र चरन सिंह निवासी टुकाली फुलेरा बागपत एवं गौरव सैनी पुत्र रमेश सैनी निवासी सैनी मोहल्ला फारुख नगर टीला मोड़ को गिरफ्तार किया है। जिनकी निशानदेही पर चोरी की 9 बाइक एवं एक स्कूटी, तमंचा व कारतूस बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपी चोरी की बाइक का नंबर प्लेट बदल कर उसी बाइक से किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे थे।

उन्होंने बताया पकड़े गए आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य राज्यों में भी जाकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी की बाइकों का नंबर प्लेट बदलकर उसे सुनसान जगह लाकर खड़ी कर देते थे। कुछ दिन बाद उक्त बाइक के सभी पार्टस को अलग-अलग कर मार्केट एवं कबाड़ी को बेच देते थे। साथी गिरोह का फरार साथी दिलशाद बाइक मैकेनिक का कार्य करता है। जो गिरोह के साथ मिलकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। साथ ही बाइक के पार्टस अलग करने के साथ-साथ कुछ बाइकों के नंबर प्लेट बदलकर उसे दूसरे राज्यों में सस्ते दामों में बेच देता था। वाहन बेचने के बाद आए रुपयों को तीनों आपस में बांट लेते थे।
एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया गौरव सैनी पर वाहन चोरी के 9 और प्रिंस पर पांच मुकदमें दर्ज है। आरोपी पिछले काफी समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जो कि सौ से अधिक वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुकें है। जो कि पूर्व में भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं। जिनका अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
















