नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। तमाम राजनैतिक बाधाओं के बावजूद नगर आयुक्त ने नगर निगम को स्वावलंबी बनाने की ठान रखी है। आईएएस विक्रमादित्य सिंह मलिक युवा एवं परफॉरमेंस ओरिएंटेड अधिकारी है। बिना लाग लपेट बात करना और काम को पसंद करना विक्रमादित्य सिंह की खासियत है। 21 फरवरी तक 206 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हो चुकी है लेकिन ये दिल मांगे मोर की तर्ज पर नगर आयुक्त ने 31 मार्च तक एक और रिकार्ड बनाते हुए टैक्स वसूली के ग्राफ को 300 करोड़ के पार पहुंचाने की ठानी है।
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। तमाम राजनैतिक बाधाओं के बावजूद नगर आयुक्त ने नगर निगम को स्वावलंबी बनाने की ठान रखी है। डीएम सर्किल रेट पर टैक्स वसूली प्रस्ताव के ठंडे बस्ते में जाने के बाद नगर आयुक्त ने अन्य मदों से टैक्स वसूली बढ़ाने पर जोर दिया है। हालांकि जब तक डीएम सर्किल रेट वाले प्रस्ताव को लागू नहीं किया जाता तब तक नगर निगम आर्थिक रूप से संपन्न नहीं हो सकता। लेकिन नगर आयुक्त ने एक पहल करके वर्तमान आर्थिक परेशानियों से निपटने का रास्ता जरूर ढ़ूढ़ लिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का शानदार परफॉरमेंस जारी है और वह इस बार टैक्स वसूली में ट्रिपल सेंचूरी लगाएंगे। नगर आयुक्त का वर्तमान स्कोर 206 करोड़ नॉट आउट है। यानी नगर निगम द्वारा 21 फरवरी तक 206 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हो चुकी है और वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी 40 दिन शेष है। इन 40 दिनों में नगर आयुक्त ने 100 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है। गाजियाबाद नगर निगम इस बार टैक्स वसूली का नया रिकार्ड बनाएगा। पहली बार वसूली 300 करोड़ के पार पहुंचने के साथ ही प्रदेश के अन्य नगर निगम के मुकाबले टैक्स वसूली में सबसे अधिक बढ़ोत्तरी का ताज भी गाजियाबाद नगर निगम के सिर सजेगा।
आईएएस विक्रमादित्य सिंह मलिक युवा एवं परफॉरमेंस ओरिएंटेड अधिकारी है। बिना लाग लपेट बात करना और काम को पसंद करना विक्रमादित्य सिंह मलिक की खासियत है। चुनौती कितनी भी कठिन हो उसे स्वीकार करना विक्रमादित्स सिंह की आदत है। नगर निगम में राजनैतिक दखलंदाजी सबसे अधिक होती है। नगर निगम में टैक्स वसूली के लिए डीएम सर्किल रेट पर टैक्स लगाया जाना नगर निगम और शहरवासियों के हित में है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। जब तक नगर निगम की आर्थिक स्थिति को नहीं सुधारा जाएगा तब तक विकास कार्यों के आपेक्षित लक्ष्य को नहीं हासिल किया जा सकता है। डीएम सर्किल रेट प्रस्ताव में टैक्सदाताओं पर महज 40 से 50 फीसद अतिरिक्त भार पड़ेगा। लेकिन नगर निगम की आदमनी दोगुनी हो जाएगी। गाजियाबाद के लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं और अन्य नगर निगम के मुकाबले गाजियाबाद में हाउस टैक्स की दर काफी कम है। बावजूद इसके राजनैतिक कारणों से डीएम सर्किल वाला प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है।
ऐसे में मायूस होने के बजाय विक्रमादित्य सिंह मलिक ने टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें करके राजस्व वसूली का रिकार्ड बनाने वाला लक्ष्य निर्धारित किया और वह इस लक्ष्य को हासिल करने के करीब पहुंच गये हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में 20 फरवरी तक 154 करोड़ रूपये की टैक्स वसूली हुई थी जबकि इस वर्ष इस अवधि में टैक्स वसूली का ग्राफ 200 करोड़ के पार पहुंच गया है। पिछले वर्ष के सापेक्ष में इस वर्ष अब तक 52 करोड़ रुपये अधिक वसूले गये हैं। डीगर बात यह है कि ये दिल मागे मोर की तर्ज पर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अगले 40 दिनों में 100 करोड़ रुपये वसूली का टॉरगेट सेट कर दिया है। टॉरगेट में कहीं कोई कमी ना रहे इसके लिए वह स्वयं एक कुशल नेतृत्व करने वाले सेनापति की तरह मैदान में डट गये हैं। वह अधिकारियों के साथ वसूली की दैनिक समीक्षा कर रहे हैं, जहां जो कमी है उसे दूर करने के उपाय बता रहे हैं और किन नये स्त्रोत से टैक्स वसूली हो सकती है वह रास्ता भी बता रहे हैं। नगर आयुक्त का कहना है कि 31 मार्च तक 305 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया है। जिसे हासिल किया जाएगा।
















