- लाइसेंसी दुकानों पर गोपनीय जांच और क्रॉस इंस्पेक्शन की नई रणनीति
- सीसीटीवी और पॉश मशीन से 100% बिक्री सुनिश्चित, उल्लंघन पर तुरंत सख़्त कार्रवाई
- अवैध तस्करों पर पैनी नजर, राजमार्गों पर विशेष निगरानी अभियान
- ओवररेटिंग, चोरी-छिपे बिक्री और नियम उल्लंघन पर जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार की ‘क्रॉस इंस्पेक्शन’ रणनीति से मचा हड़कंप
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में अवैध शराब के कारोबार के तिलिस्म को तोड़ने के बाद अब जिला आबकारी विभाग ने लाइसेंसी शराब विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने शराब बिक्री में लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं, ओवररेटिंग और नियमों के खुले उल्लंघन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक नई और सख़्त रणनीति लागू कर दी है। इस रणनीति के तहत न केवल आबकारी निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है, बल्कि विभागीय टीमों को गोपनीय तरीके से ग्राहक बनकर शराब खरीदने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब तक आमतौर पर अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करने वाले आबकारी इंस्पेक्टरों को एक-दूसरे के क्षेत्रों की लाइसेंसी दुकानों की जांच सौंपी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या आंख मूंदकर काम करने की प्रवृत्ति को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इस क्रॉस इंस्पेक्शन व्यवस्था से शराब विक्रेताओं में खलबली मची हुई है। नई रणनीति के तहत उन दुकानों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, जहां निर्धारित समय से पहले या बंद होने के बाद चोरी-छिपे शराब बेचने की शिकायतें मिलती रही हैं।
साथ ही, ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली यानी ओवर रेटिंग के मामलों को पकडऩे के लिए आबकारी विभाग की टीमें आम ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंच रही हैं और मौके पर ही खरीदारी कर दरों की जांच कर रही हैं। जिला आबकारी अधिकारी स्वयं भी लगातार जनपद की देशी शराब दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रियल टाइम रिकॉर्डिंग, बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड रजिस्टर और पॉश मशीन से होने वाली बिक्री की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 100 प्रतिशत बिक्री पॉश मशीन से ही की जाए और सीसीटीवी सिस्टम हर हाल में चालू अवस्था में रहे। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आबकारी निरीक्षकों अखिलेश बिहारी वर्मा, आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर, अभिनव शाही, सचिन त्रिपाठी, नामवर सिंह और संजय चन्द्र को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे एक-दूसरे के क्षेत्रों में जाकर लाइसेंसी दुकानों का औचक निरीक्षण करें और गोपनीय टेस्ट परचेजिंग की कार्यवाही करें।
यदि किसी भी क्षेत्र में ओवर रेटिंग या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो तत्काल इसकी रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाइसेंसी दुकानों के साथ-साथ अवैध शराब तस्करों पर भी विभाग की नजर बनी हुई है। तस्करों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और राजमार्गों व राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। आबकारी विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई जनपद में अवैध शराब के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सक्रिय, सख़्त और जमीनी कार्यशैली इन दिनों जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। खुद फील्ड में उतरकर निरीक्षण करना, पारदर्शिता पर जोर देना और नियमों को सर्वोपरि मानकर कार्रवाई करना उनकी प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने साफ कहा है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं, चाहे वह विक्रेता हो या विभाग का कर्मचारी। आबकारी विभाग की इस सख़्त मुहिम से जहां शराब विक्रेताओं में हड़कंप है, वहीं आम जनता को भी उम्मीद जगी है कि अब शराब बिक्री में मनमानी और अवैध वसूली पर प्रभावी रोक लगेगी।

जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर
जनपद गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ अब लाइसेंसी मदिरा दुकानों पर भी सख़्त निगरानी की जा रही है। किसी भी कीमत पर ओवररेटिंग, तय समय के बाहर शराब बिक्री और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक-दूसरे के क्षेत्रों में जाकर दुकानों का औचक निरीक्षण करें और गोपनीय टेस्ट परचेजिंग की कार्रवाई सुनिश्चित करें। सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे रियल टाइम में चालू रहेंगे और 100 प्रतिशत बिक्री पॉश मशीन के माध्यम से ही होगी। यदि किसी भी स्तर पर विक्रेता या कर्मचारी द्वारा लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियम सर्वोपरि हैं और उनका पालन सभी को करना होगा।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी

















