राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को प्रेरित किया गया- स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से सीख लेकर बने जिम्मेदार नागरिक

-लघु नाटिका और वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता का विकास
-सचिव विनीत गोयल ने युवाओं को शिक्षा और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देने की प्रेरणा दी
-पावन चिंतन धारा आश्रम और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं कार्यक्रम का आयोजन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, मोहन नगर एवं पावन चिंतन धारा आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक प्रेरक एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में लघु नाटिका, वाद-विवाद प्रतियोगिता और पुस्तक विमोचन जैसे सशक्त माध्यमों के जरिए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के क्षेत्र संयोजक (उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) विपिन त्यागी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में उच्च न्यायालय, प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश चौहान, भारतीय ज्ञान शोध संस्थान एवं पावन चिंतन धारा आश्रम से रोहित केशरी, ज्योति जायसवाल एवं ईशान शामिल रहे। महाविद्यालय की ओर से सचिव विनीत गोयल एवं प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात  ‘एक स्वामी की कहानी – सनातनी योद्धा’ शीर्षक लघु नाटिका के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और राष्ट्रवादी चेतना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने सभागार में उपस्थित युवाओं को गहराई से प्रभावित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या, सचिव विनीत गोयल एवं पावन चिंतन धारा आश्रम के प्रतिनिधियों द्वारा आदरणीय डॉ. पवन सिन्हा द्वारा रचित पुस्तक  ‘इंस एंड आउट्स ऑफ लीडरशिप’ का विमोचन भी किया गया। पुस्तक विमोचन को युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इसके उपरांत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका विषय रहा-  ‘प्रस्तावित नई राष्ट्रीय युवा नीति 2025 युवाओं की बेरोजगारी और कौशल विकास की समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है।’ प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से 35 से अधिक विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत कर बौद्धिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के सचिव श्री विनीत गोयल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा विवेकानंद जी के आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को अपनाएं, तो भारत को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दें। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा सिंह ने सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विवेकानंद जी के आदर्श मूल्य आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर एक सशक्त और गौरवशाली भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी संबोधनों में भारत की समृद्धि, सांस्कृतिक चेतना और आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को जीवन में गुरुजी के सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्रवक्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।