-योजनाओं के लाभ लेने के लिए पात्रता एवं शर्तों का अनुपालन जरूरी
गाजियाबाद। मोदीनगर शुगर मिल पर गन्ना किसानों का लगभग 150 करोड़ रुपए बकाया होने के चलते शुगर मिल चालू होने से पहले किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराया जाएगा। बुधवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस की बैठक की गई। बैठक में पूर्व के किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के संबंध में अवगत कराया गया। इसके साथ ही किसानों द्वारा की गई शिकायतों का निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई। उप कृषि निदेशक रामजतन मिश्र ने बैठक में बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्तें प्राप्त न होने के कारण ई-केवाईसी, एनपीसीआई, भूमि सीडिंग न होना हैं। किसान ई-केवाईसी जन सुविधा केंद्र और एनपीसीआई के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खुलवा कर तथा लैंड सीडिंग तहसील में जाकर करा सकते हैं।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह ने गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द कराने की मांग की, इसके साथ ही खाता-खतौनी में किसानों के नाम ठीक कराने पर किसानों के उत्पीड़न रोके जाने और रईसपुर-सदरपुर मार्ग की नाली निर्माण व सफाई कराने की मांग की गई। बैठक में गांव फजलगढ़ के किसान वेदपाल मुखिया ने बताया कि मोदी शुगर मिल पर किसानों का गन्ने का बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों को आगामी फसलों की बुआई के लिए कृषि निवेश क्रय करने तथा पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पेराई सत्र-2023-24 का गन्ने का भुगतान अति शीघ्र कराया जाए। किसान अरूण कुमार ने किसानों के ट्यूबवेल का बिल शासन द्वारा माफ किए जाने के निर्देश के बाद विद्युत विभाग ट्यूबवेलों पर बिजली के मीटर लगा रहा है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के बिल माफ करने के आदेश दिए गए है। ऐसे में बिजली के मीटर ट्यूबवेल पर न लगाए जाने की मांग की। किसान अखिल चौधरी ने ग्राम दुहाई से ग्राम काकड़ा तक रजवाहे की पटरी की मरम्मत का कार्य कराए जाने की मांग की। भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने अवगत कराया कि किसानों की खतौनी में मोदीनगर तहसील में रकबा अंकित किया जा रहा है, इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। किसान के खसरे का रकबा उचित जांच करके अंकित होना चाहिए। नगर पालिका परिषद मोदीनगर में एमआरएफ प्लांट न बनाया जाए। किसानों की गन्ना भुगतान समेत अन्य समस्याओं को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि विद्युत मीटर, ट्रांसफार्मर पर लगे या ट्यूबवेल पर लगे। इसका भुगतान शासन स्तर से होना है। किसानों को मीटर लगाने का विरोध नहीं करना चाहिए।
किसानों की खतौनी में रकबा अंकित करने में गड़बड़ी के संबंध में एडीएम एलए विवेक मिश्र को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशानुसार किसानों की रजिस्ट्री का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी अपने अपने विभाग से संबंधित किसानों की समस्याओं त्वरित निस्तारण कर समय से करना सुनिश्चित करें। अगर जनपद स्तर के अधिकारी से संभव न हो तो उनके द्वारा शासन को पत्र भिजवाया जाए। जिलाधिकारी ने किसानों को गन्ना भुगतान शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। शुगर मिल चालू होने से पहले भुगतान करा दिया जाएगा। उन्होंने मिल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि बकाया गन्ना भुगतान जल्द किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
गन्ना मूल्य भुगतान के लिए शुगर मिल प्रबंधकों के साथ आगामी 10 दिन के अंदर बैठक अवश्य कराई जाए। बैठक में बैठक में एडीएम भू-अर्जन विवेक मिश्र, उप कृषि निदेशक रामजतन मिश्र, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र प्रसाद, जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार, जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.एसपी पांडेय आदि अधिकारियों एवं भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह, भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए।

















