-क्राइम ब्रांच और लोनी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, झारखंड से लाए गए 320 ग्राम स्मैक के दो तस्कर गिरफ्तार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक संगठित नशा तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच और लोनी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नशे की तस्करी में शामिल दो तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 32 लाख रुपये की 320 ग्राम स्मैक बरामद की है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने झारखंड से तस्करी कर लाई गई भारी मात्रा में स्मैक को जब्त किया। सोमवार को तस्करी की घटना का खुलासा करते हुए एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया गुप्त सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी और लोनी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई लोनी क्षेत्र के निठौरा अण्डरपास पर की गई, जहां तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार तस्करों में विनोद कुमार डांगी और अमित वर्मा शामिल हैं, जिनके पास से 320 ग्राम स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार तस्कर विनोद कुमार डांगी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह झारखंड के चतरा जिले का निवासी है और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मुनाफा कमाने के लिए उसने सुनील मुंडा के संपर्क में आकर नशे की तस्करी में हाथ डाला। विनोद और सुनील मुंडा गाजियाबाद के अमित वर्मा के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में स्मैक की सप्लाई करते थे। विनोद डांगी ने खुलासा किया कि इस तस्करी के व्यापार में वह और उसके साथी हर एक खेप से 15,000 से 20,000 रुपये तक कमाते थे। यह रैकेट झारखंड से स्मैक लाकर दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में इसे वितरित करता था।
क्राइम ब्रांच ने इस नशे के अवैध कारोबार को नष्ट करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा, सुनील मुंडा और अमित वर्मा की तलाश के लिए पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि नशे के इस कारोबार को पूरी तरह से खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। क्राइम ब्रांच ने नशे के इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है और पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है।
















