नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष बने प्रवीण चौधरी, महापौर ने डिप्टी मेयर कहने पर जताई नाराजगी

– उपाध्यक्ष पद के लिए प्रवीण चौधरी निर्विरोध चुने गए
-महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने दी औपचारिक घोषणा
– नगर निगम के 395.82 करोड़ आय और 3044 करोड़ व्यय के बजट पर लगी मुहर
-बैठक में 74 प्रस्ताव पास, विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
– महापौर ने अवैध होर्डिंग हटाने और 5 लाख रुपए तक जुर्माने के निर्देश दिए
– डॉग सेंटर निर्माण और पार्किंग शुल्क में बदलाव समेत कई अहम निर्णय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आखिर लंबे इंतजार और खींचतान के बाद बुधवार को नगर निगम कार्यकारिणी का उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी को निर्विरोध चुन लिया गया। उपाध्यक्ष पद काफी लंबे समय से खाली चल रहा था। इसको लेकर कार्यकारिणी सदस्यों एवं पार्षदों द्वारा मांग की जा रही थी। बुधवार को महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में सुबह 11 बजे से वंदे मातरम गान के बाद कार्यकारिणी बैठक की शुरुआत हुई। महापौर ने सबसे पहले कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए पहल की। नगर निगम के सदन सचिव अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव रखा। इसके बाद कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद प्रवीण चौधरी और पार्षद विनील दत्त ने नामांकन पत्र लेकर चुनाव की राह को खोल दिया। जिसके बाद पार्षद प्रवीण चौधरी और पार्षद विनील दत्त ने अपने-अपने प्रस्तावक पार्षद राजीव शर्मा और पार्षद नीरज गोयल के साथ नामांकन पत्र जमा भी कर दिए।

नाम वापसी की प्रक्रिया शुरु होते ही पार्षद विनील दत्त ने अपना नामांकन पत्र वापस लेकर सबको चौंका दिया। पार्षद विनील दत्त के चुनावी मैदान से हटते ही पार्षद प्रवीण चौधरी का कार्यकारिणी उपाध्यक्ष बनने का रास्ता साफ  हो गया। दरअसल, नगर निगम कार्यकारिणी में 12 सदस्य है। इनमें 10 पार्षद भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य है। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर कार्यकारिणी उपाध्यक्ष भाजपा का ही बनना था। यह प्रक्रिया शुरू होने और पार्षद विनील दत्त के मैदान से हटने के बाद प्रवीण चौधरी को निर्विरोध कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुन लिया गया। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के रूप में कार्यकारिणी सदस्य व पार्षद प्रवीण चौधरी को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। प्रवीण चौधरी के उपाध्यक्ष बनने से हालांकि भाजपा के कुछ पार्षदों के चेहरे लटके हुए देखे गए। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष बनने के लिए राजीव शर्मा,अमित त्यागी, गौरव सोलंकी लंबी लड़ाई लड़ रहे थे।

मगर महापौर और संगठन के निर्णय के बाद प्रवीण चौधरी के कार्यकारिणी उपाध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया था। प्रवीण चौधरी दूसरी बार कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुने गए है। इससे पूर्व भी वह कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रह चुके हैं। खास बात यह हैं कि महापौर व नगर आयुक्त समेत कार्यकारिणी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। इसी बीच महापौर के समक्ष कुछ सदस्यों ने प्रवीण चौधरी को डिप्टी मेयर कहने पर महापौर बिफर गई। महापौर ने चेतावनी देते हुए कहा कि डिप्टी मेयर का कोई पद नहीं है। यह संवैधानिक नहीं है। इसलिए मर्यादा में रहे। डिप्टी मेयर का कोई पद या नाम नहीं है। बैठक में सदन सचिव जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, लेखाधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक विवेक सिंह, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विभाग के अनुसार अपने प्रस्ताव पर जवाब दिया।

नगर निगम के 395.82 करोड़ आय व 3044 करोड़ के व्यय बजट पर मुहर
महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में वित्तीय वर्ष-2025-26 के पुनरीक्षित बज 395.82 करोड़ आय व 3044 करोड़ रुपए समेत 913.41 करोड़ के आय-व्यय के बजट पर मुहर लग गई।इस बजट से अब शहर में नगर निगम विकास कार्य कराएगा। इसके साथ ही राजस्व, लाइसेंस,विक्रय,ठेका,शुल्क समेत अन्य मदों से 278.36 करोड़ रुपए की आय अर्जित करेगा। नगर निगम के लेखाधिकारी अनुराग सिंह ने बजट का पढ़कर मदवार सुनाया। बजट से सभी 100 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इससे नगर निगम के क्षेत्र में आने वाली सड़कों की मरम्मत, सीवर के कार्य,पानी, स्ट्रीट लाइट समेत अन्य कार्यों को रफ्तार मिलेगी। कार्यकारिणी बैठक के दौरान 74 प्रस्तावों पर पर चर्चा के बाद कार्यकारिणी सदस्यों के सहमति देने पर महापौर ने सभी प्रस्तावों को पास कर दिया। नगर निगम की ओर से पेश किए गए बजट में लगभग 2756 करोड़ आय प्रस्तावित की गई है। इसमें संपत्ति कर, लाइसेंस, विक्रय, किराया, ठेका, शुल्क विविध आय शासकीय अनुदान व अन्य मदों को सम्मिलित किया गया।

कुछ अहम प्रस्तावों को किया पास
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक की शुरुआत महापौर सुनीता दयाल ने औपचारिक रूप से उपाध्यक्ष के चुनाव की घोषणा के साथ की। उपाध्यक्ष के चयन के बाद एक-एक कर तैयार किए गए 75 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। जिसमें से 74 प्रस्तावों पर कार्यकारिणी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। हालांकि कुछ प्रस्तावों पर कार्यकारिणी सदस्यों ने विरोध जताया। इन्हें अब बोर्ड बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। महापौर सुनीता दयाल ने अंत में बजट को पास कर दिया। महापौर की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक चली बैठक में अंत में महापौर ने कहा कि शहर में अवैध होर्डिंग लगाए जा रहे है। अवैध होर्डिंग काटे जाए। 5 लाख रुपए तक लगाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। बैठक में मलबा शुल्क पर जीडीए एनओसी लेगा। नेहरूनगर में तरण ताल का मुद्दा उठा। पार्षद राजीव शर्मा ने कहा कि उसमें शादी व अन्य कार्यक्रम हो रहे हैं। निगम अब पानी के टैंकर का 500 रुपए शुल्क लेगा। फ्री में टैंकर नहीं देगा। रोड कटिंग करने वाले खुद रोड बनाएंगे। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या निर्धारित होगी।

वहीं पार्षदों का भत्ते का करीब 15 लाख रुपए दिया जाएगा। वेंडिंग जोन के तीन स्थानों पर पीपीपी मॉडल पर कार्य होगा। टैक्स में छूट संबंधी प्रस्ताव पास किया गया। इसके साथ ही नगर निगम में पार्षदों और मीडियाकर्मियों का पास जारी किए जाएंगे। बाहरी वाहनों को खड़े नहीं होने दिया जाएगा। क्रिकेटर सुरेश रैना से जमीन वापस लेने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। बैठक में शराब का ठेका के लिए कंटेनर के लिए जमीन उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद उसे स्थिर रखा गया। महापौर ने कहा कि इसे निरस्त नहीं और न ही पास किया गया। इसके साथ ही कूड़ा वाहनों के ड्राइवर व हेल्पर का वैरीफिकेशन पुलिस द्वारा कराया जा रहा है। 15 दिन में हो जाएगा। 7 पार्किंग स्थलों के रेट कम कर प्रतिदिन या ठेके पर दिए जाएंगे। इसके अलावा ई-बसों के चार्जिंग स्टेशन के लिए करहेड़ा और चिकंबरपुर में जमीन दी जाएगी। लेबर अड्डा बनाने को जमीन देने व डॉग सेंटर बनाने के लिए जमीन देने का प्रस्ताव पास किया गया।