गाजियाबाद। साहिबाबाद गांव में प्राचीन श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में श्री बांके बिहारी सेवा समिति (रजि.) द्वारा सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। मंदिर में भजन-कीर्तन समेत अन्य कार्यक्रम हुआ। देर रात विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रखकर रात्रि 12 बजे नंदलाल को झूला-झुलाने के बाद अपना उपवास तोड़ा। पर्व को लेकर कृष्ण भक्तों में उत्साह देखने को मिला।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर भक्तों में खासा उत्साह रहा। शहर से लेकर गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम रही। सुबह से ही मंदिरों में भजन-कीर्तन शुरू हो गया। श्री बांके बिहारी का अभिषेक पूजन किया गया। मंदिर में भजन-कीर्तन प्रस्तुति दी। यहां 56 भोग लगाया गया। रात 12 बजते ही मृदंग-भेरी और शंखनाद के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। बाल कृष्ण को झूला-झूला कर लोरियां सुनाई गई।
श्री बांके बिहारी सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के मेरठ मंडल खण्ड मंत्री/प्रांतीय सह-सचिव सिद्वार्थ कौशिक ने बताया साहिबाबाद गांव में प्राचीन श्री सनातन धर्म शिव मंदिर करीब चार दशक पुराना है। समिति की ओर से श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उस स्वर्णिम संसार में पवित्रता, सुख, शांति और समृद्धि थी। लेकिन वर्तमान समय में सारा संसार कंसपुरी के समान बन गया है। उन्होंने कहा कि कलियुग में तो अजन्मे शिशु को मां की कोख में ही मारा जा रहा है।
धर्म के नाम पर अधर्म हो रहा है। श्रीकृष्ण का मोर मुकुट पवित्रता का प्रतीक है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर बच्चों ने राधा कृष्ण बनकर नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों ने दही मटकी फोड़ी। इस मौके पर सतेन्द्र कौशिक, ओमवीर शर्मा, विनेश कौशिक, देवदत्त कौशिक, श्याम दत्त कौशिक, दयावीर शर्मा, शीतल मिश्रा, हरि नंदन मिश्रा, श्रद्धा नंदन कौशिक, राकेश शर्मा, लोकेश कौशिक, पुजारी पंडित मुकेश शर्मा समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।



















