-सुप्रसिद्ध हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा की मौजूदगी में बच्चों ने दिखाई अपनी हास्य प्रतिभा, दर्शक हुए भावविभोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व हास्य दिवस के अवसर पर सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की नेहरू नगर शाखा में एक शानदार और उल्लासपूर्ण आंतरिक नाट्य स्पर्धा का आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और हास्य बोध को मंच प्रदान करने वाला अद्वितीय अवसर बना। कक्षा पाँचवीं से आठवीं तक के छात्रों ने एकल एवं समूह नाट्य प्रस्तुतियों में हास्य, नकल (मिमिक्री), चुटकुले और हास्य कथाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त विसंगतियों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।
छात्रों की रचनात्मकता, संवाद अदायगी और मंच संचालन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार बार-बार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। मुख्य अतिथि सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि हँसाना एक कला है, बच्चे इस कला में निपुण हो रहे हैं। हँसाना सबसे कठिन कार्य है, लेकिन इन बच्चों ने जिस सहजता और सूझबूझ के साथ लोगों को हँसाया, वह सराहनीय है। इनकी कल्पनाशीलता और प्रस्तुति ने मुझे भी आश्चर्यचकित किया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इस अनूठे आयोजन के लिए बधाई दी और बच्चों को आगे भी सृजनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
हास्य तनाव के अंधेरे में आशा की रोशनी है
स्कूल की निदेशक डॉ. माला कपूर ‘गौहरÓ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा और तनाव से भरा हुआ है। ऐसे में हास्य जीवन में आशा और ऊर्जा भरने वाला तत्व है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का भी प्रभावी माध्यम है। बच्चों को मंच देकर हम न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और सृजनशील बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हास्य मनुष्य को अधिक सकारात्मक, सहृदय और समर्थ बनाता है। इस प्रकार के आयोजन जीवन को संतुलित रखने की दिशा में एक सार्थक पहल हैं।
मंच ने दी उड़ान, हँसी ने बढ़ाया आत्मविश्वास
छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस आयोजन से उन्हें न केवल मंच पर बोलने का आत्मविश्वास मिला, बल्कि हास्य की शक्ति को भी महसूस किया। उन्होंने कहा कि जीवन की गंभीरता में हास्य एक राहत की तरह काम करता है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हास्य बच्चों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता (भावात्मक बुद्धि) और सामाजिक समझ विकसित करता है। ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास की दिशा में प्रभावशाली कदम हैं। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल द्वारा विश्व हास्य दिवस पर किया गया यह आयोजन न केवल एक स्कूल कार्यक्रम रहा, बल्कि यह एक सशक्त सामाजिक संदेश भी बनकर उभरा हँसी जीवन की संजीवनी है, और बच्चों की मासूम हँसी में भविष्य की शक्ति छिपी है।

















