गाजियाबाद। श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एस. थुरैराजा ने सोमवार को भागीरथ सेवा संस्थान के बी-ब्लॉक, संजय नगर स्थित भागीरथ परिसर का दौरा किया। न्यायमूर्ति का भागीरथ कैंपस में डायरेक्टर करुणाकर शुक्ला और अनादि सुकुल द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया। परिसर में प्रवेश करते ही भागीरथ पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। न्यायधीश एस. थुरैराजा ने पूरे भागीरथ कैंपस का निरीक्षण किया और संस्थान द्वारा चिन्हित किए गए 15 दिव्यांग बच्चों को ट्राई साइकिल वितरित की। उसके बाद माननीय न्यायमूर्ति श्री एस. थुरैराजा ने कैमकुस लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया।
न्यायमूर्ति एस. थुरैराजा ने छात्रों से अपने जुडिशल अनुभवों को साझा किया और लंका में अभी हाल में आई कंगाली और उस दौरान हुई राजनैतिक उठापटक के दौरान कोर्ट के सामने आई नई-नई चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन दिनों कोर्ट में अलग-अलग तरह के वाद आ रहे थे और देश में राजनैतिक अस्थिरता के कारण जनता की उम्मीदें कोर्ट से बहुत बढ़ गयी थी। वो वास्तव में एक अलग तरह की चुनौतियों से भरा समय था जो अभी जारी है।
दिव्यांग बच्चों को ट्राइ-सायकिल और व्हील चेयर वितरण के दौरान न्यायमूर्ति एस. थुरैराजा भावुक हो उठे। भागीरथ सेवा संस्थान के डायरेक्टर अमिताभ सुकुल ने उन्हें दिव्यांगजन के स्वावलंबन के लिए संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान द्वारा दिव्यांगजन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों की पुनर्स्थापना और सशक्तिकरण बिना सामाजिक साझेदारी के संभव नहीं है।


















