-सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गौतमबुद्धनगर में शराब पर सख्ती, राजस्व में इजाफा
-शहर में उत्सवों के दौरान कानून और अनुशासन कायम, आबकारी विभाग की कड़ी कार्रवाई
-सिर्फ लाइसेंसी मदिरा का इस्तेमाल, बाहरी राज्यों की शराब पर सख्त प्रतिबंध
-जिले में विशेष निरीक्षण टीमों का गठन, उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
-नववर्ष और बड़े समारोहों में कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभाग की रणनीति
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जिले में शादी, विवाह, नववर्ष और अन्य बड़े समारोहों के दौरान शराब की अवैध बिक्री और बिना लाइसेंस पार्टी पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान कर दिया गया है। अब उत्सवों के रंग में कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा। बिना लाइसेंस शराब पार्टी आयोजित करने वाले आयोजकों को भारी जुर्माना और जेल की सजा भी झेलनी पड़ सकती है। क्रिसमस पर्व के मौके पर आबकारी विभाग की कड़ी मेहनत और अनुशासित कार्यशैली ने जिले में राजस्व वृद्धि के सकारात्मक परिणाम दिए हैं। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम ने 24 और 25 दिसंबर को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान लाइसेंसी दुकानों में एक घंटा अतिरिक्त समय तक बिक्री जारी रहने से विभाग को अन्य दिनों की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। जहां जिले में सामान्य दिनों में शराब बिक्री से करीब 5 से 6 करोड़ रुपये प्रतिदिन राजस्व आता था, वहीं क्रिसमस के इन दो दिनों में यह राशि बढ़कर 16 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। क्योंकि इन दो दिनों में जिले में दुकानों का बंद करने के समय में 1 घंटे अधिक की छूट दी गई। जहां जिले में रोजानों 10 बजे की बजाए 11 बजे रात्रि को बंद हुई। यह दो दिन जहां विभाग के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण माने जा रहे थे, वहीं लाइसेंसी और शौकीनों के लिए सोने पर सुहागा से कम नहीं थे।
अब नववर्ष को लेकर तैयारी तेज हो गई है। क्योंकि 30 और 31 दिसंबर की रात को भी दुकाने 11 बजे तक खुली रहेंगी। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कड़ी और अनुशासित कार्यशैली के चलते निरीक्षण, कार्रवाई और कानून का पालन जिले में पूरी तरह प्रभावी हो गया है। उनकी नेतृत्व क्षमता ने विभाग को केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित न रखते हुए, उत्सवों और बड़े समारोहों में सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।
जिला आबकारी अधिकारी ने शहरभर में शराब की अवैध बिक्री और बिना लाइसेंस पार्टी पर सख्त निगरानी का अलर्ट जारी किया है। उन्होंने नगर में आयोजित होने वाले सभी समारोह आयोजकों, आरडब्ल्यूए अध्यक्षों, सोसाइटी प्रबंधकों, बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, रेस्टोरेंट, क्लब, रिजॉर्ट, मैरिज हॉल और होटल संचालकों को पत्र भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी समारोह में मदिरा परोसने के लिए समारोह बार अनुज्ञापन (एफएल-11) प्राप्त करना अनिवार्य है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि समारोहों में केवल उत्तर प्रदेश राज्य में बिक्री हेतु अनुमत मदिरा का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
बाहरी राज्यों की शराब का सेवन या बिना लाइसेंस मदिरा परोसना गंभीर अपराध माना जाएगा। इसके लिए जनपद स्तर पर विशेष निरीक्षण टीमों का गठन किया गया है, जो आकस्मिक रूप से समारोह स्थलों का निरीक्षण करेंगी और कानून का पालन सुनिश्चित करेंगी। नववर्ष के आने के मद्देनजर जिला आबकारी अधिकारी ने पहले से ही रणनीति तैयार कर ली है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें पूरे जिले में सक्रिय रहेंगी, विशेषकर बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, रिसॉर्ट और अन्य सार्वजनिक समारोह स्थलों पर। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आयोजक द्वारा नियमों का उल्लंघन न हो और सभी उत्सव सुरक्षित और कानूनी तरीके से मनाए जाएं। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने नागरिकों और समारोह आयोजकों से अपील करते हुए कहा कि ‘शराब पार्टी आयोजित करने से पहले सभी आवश्यक लाइसेंस अवश्य प्राप्त करें। विभाग की यह कार्रवाई किसी भी उल्लंघन को रोकने और जनपद में कानूनी व्यवस्था बनाए रखने के लिए है।Ó उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम द्वारा निरीक्षण और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि नववर्ष और अन्य बड़े समारोहों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
आबकारी विभाग की यह रणनीति न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करती है, बल्कि नववर्ष और अन्य उत्सवों में नागरिकों की सुरक्षा, शराब बिक्री में पारदर्शिता और जिले के राजस्व में वृद्धि का भी प्रमाण है। जिले में लोगों में इस कड़े और अनुशासित निगरानी के चलते अब अवैध शराब पार्टी और बिना लाइसेंस उत्सव आयोजित करने वालों में डर का माहौल बन गया है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की मेहनत और टीम की सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्सवों और समारोहों के दौरान कानून की अनदेखी अब जिले में संभव नहीं होगी। नववर्ष के मौके पर विभाग की रणनीति, कड़ी निगरानी और पारदर्शी कार्यशैली ने इसे सफल और प्रभावशाली बनाया है, जिससे जनपद के नागरिक सुरक्षित और कानूनी उत्सव मना सकते हैं।
















