– शिक्षा और सेवा के माध्यम से दी गई अटल को श्रद्धांजलि
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को वैशाली सेक्टर-एक स्थित बद्रीनाथ पार्क में सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण से जुड़ा एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्षद कुसुम मनोज गोयल द्वारा इनर व्हील क्लब इंदिरापुरम शिप्रा सनसिटी के सहयोग से जरूरतमंद और गरीब बच्चों को कॉपी, किताबें एवं खाद्य सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में सेवा और शिक्षा के माध्यम से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करना रहा। इस कार्यक्रम का आयोजन समाज सेविका ममता गर्ग द्वारा ‘शिक्षा मंदिर’ नाम से संचालित केंद्र में किया गया, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र सेवा में उनके अतुलनीय योगदान के बारे में सरल और प्रेरक शब्दों में बताया गया, ताकि उनमें भी देशप्रेम, संस्कार और आगे बढ़ने की प्रेरणा जागृत हो सके। पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने इस अवसर पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का संपूर्ण जीवन सेवा, संवेदना और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना ही अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। इनर व्हील क्लब की सदस्याओं ने भी समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। कॉपी-किताबें और भोजन सामग्री पाकर बच्चों ने न केवल मुस्कान बिखेरी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिली। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों से संवाद कर उनके भविष्य के सपनों को जाना और उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर शैलजा अग्रवाल, किशन कुमार सभरवाल, डॉ. रिचा, मंजू, पूनम खत्री, प्रीति मिश्रा, डॉ. नीति, गीता, निरूपा, ज्योति, उषा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण अपनत्व, करुणा और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस पर आयोजित यह सेवा कार्य न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो दूसरों के जीवन में आशा और अवसर का दीप जलाए।

















