-नगर निगम की कार्यवाही को बताया भ्रमित करने वाली, जल्द बोर्ड बैठक बुलाने की मांग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा जारी किए गए बढ़े हुए हाउस टैक्स बिलों को लेकर गाजियाबाद में बवाल मचा हुआ है। वार्ड-72 कौशांबी की पार्षद कुसुम गोयल ने इस विषय पर शुक्रवार को महापौर सुनीता दयाल को पत्र लिखकर गहरी आपत्ति जताई है और मांग की है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर नगर निगम बोर्ड की आपात बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए, ताकि करदाताओं के बीच उत्पन्न भ्रम की स्थिति को समाप्त किया जा सके। पार्षद कुसुम गोयल ने अपने लिखे पत्र में बताया कि 7 मार्च 2025 को हुई सदन की बैठक में डीएम सर्किल रेट आधारित नई संपत्ति कर दरों को लेकर जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, उसे सर्वसम्मति से पास नहीं किया गया था। लेकिन नगर निगम के कार्यवृत्त में इस प्रस्ताव को पारित दिखाया गया, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर 2024 को पहले ही सदन इस प्रकार के बढ़े हुए हाउस टैक्स प्रस्ताव को निरस्त कर चुका है, और इसकी पुष्टि भी 7 मार्च 2025 की बैठक में प्रस्ताव संख्या 113 के माध्यम से हो चुकी है। बावजूद इसके, क्षेत्र में नागरिकों को बढ़े हुए हाउस टैक्स के बिल जारी किए जा रहे हैं, जिससे नाराजगी का माहौल बना हुआ है। कुसुम गोयल ने लिखा कि नगर निगम की इस मनमानी के खिलाफ वेलफेयर एसोसिएशन, व्यापार मंडल और नागरिक लगातार प्रदर्शन और ज्ञापन दे रहे हैं। उन्होंने चेताया कि इस पूरे प्रकरण से नगर निगम और शासक दल दोनों की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
पत्र में उन्होंने मांग की है कि 20 प्रतिशत हाउस टैक्स छूट की अवधि को सितंबर तक बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों को कुछ राहत मिल सके और साथ ही इस पूरे मामले पर स्पष्ट निर्णय लेकर करदाताओं को जानकारी दी जाए। पार्षद कुसुम गोयल ने इस बात की जानकारी भी दी कि इस विषय पर 29 जुलाई को न्यायालय में एक याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है, ऐसे में यह बेहद आवश्यक हो गया है कि नगर निगम जल्द से जल्द इस पर स्थिति स्पष्ट करे और बोर्ड बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया जाए।
















