नगर निगम द्वारा चंद दिनों पहले बनाई गई नई सड़क को क्षतिग्रस्त करने वाले ठेकेदार की पैरवी में पहुंचे नेताजी ने पहले तो खूब चीख पुकार मचाई, लेकिन जब उन्होंने चीफ इंजीनियर एनके चौधरी का तमतमाया चेहरा देखा तो चुप्पी साध गये। मामला उल्टा फंसता हुआ और खुद को घिरता देख नेताजी ने मौके से भाग लेने में ही भलाई समझी। हालांकि नेताजी तो चुपचाप निकल लिये लेकिन नगर निगम में इसकी खूब चर्चा होती रही। नेताजी सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हुए हैं और विवादों से इनका पुराना नाता है। ऐसे में भाजपा से जुड़े लोगों के बीच भी इसकी खूब चर्चा रही और लोग नेताजी के पुराने कारनामों की चर्चा करते रहे।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नेताजी को नगर निगम मुख्यालय में रौब गालिब करना भारी पड़ गया। नगर निगम द्वारा चंद दिनों पहले बनाई गई नई सड़क को क्षतिग्रस्त करने वाले ठेकेदार की पैरवी में पहुंचे नेताजी ने पहले तो खूब चीख पुकार मचाई लेकिन जब उन्होंने चीफ इंजीनियर एनके चौधरी का तमतमाया चेहरा देखा तो चुप्पी साध गये। मामला उल्टा फंसता और खुद को घिरता देख नेताजी ने मौके से भाग लेने में ही भलाई समझी। हालांकि नेताजी तो चुपचाप निकल लिये लेकिन नगर निगम में इसकी खूब चर्चा होती रही। नेताजी सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हुए हैं और विवादों से इनका पुराना नाता है। ऐसे में भाजपा से जुड़े लोगों के बीच भी इसकी खूब चर्चा रही और लोग नेताजी के पुराने कारनामों की चर्चा करते रहे।
शहर में नई सड़क बनाने और शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर नगर निगम काफी काम कर रहा है। लेकिन, कई लोग निजी स्वार्थवश नगर निगम के अच्छे कामों पर पलीता लगाने में लगे हुए हैं। पिछले दिनों विवेकानंद नगर से नासिरपुर फाटक की तरफ आने वाली सड़क का चौड़ीकरण किया गया और नई सड़क बनाई गई। सड़क के किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई। लेकिन, एक प्राइवेट ठेकेदार ने बिजली की केबल डालने के लिए कई स्थानों पर सड़क को खोद दिया। केबल डालने और सड़क की खुदाई के लिए ठेकेदार द्वारा कोई अनुमति नहीं ली गई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी नहीं की गई। नगर निगम के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो ठेकेदार का सामान जब्त कर लिया। इसी ठेकेदार की पैरवी करने के लिए युवा भाजपा नेता नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। चीफ इंजीनियर एनके चौधरी के कमरे में पहुंचकर भाजपा नेता ने सत्ता में अपनी ऊंची पहुंच और रसूख का हवाला देते हुए रौब गालिब करने लगे। चीफ इंजीनियर ने पहले नेताजी को प्यार से समझाया। चीफ इंजीनियर का सौम्य व्यवहार देख नेताजी अकड़ गये और ऊंची आवाज में शोर मचाने लगे। नेताजी की चोरी और सीनाजोरी वाली हेकड़ी देख चीफ इंजीनियर एनके चौधरी को गुस्सा आ गया। चीफ इंजीनियर ने नेताजी की खूब खबर ली। शोर गुल सुनकर नगर निगम के कर्मचारी और कई अन्य अधिकारी भी पहुंच गये। चीफ इंजीनियर का रौद्र रूप देख नेताजी ने चुप्पी साधने में ही अपनी भलाई समझी। मामला कहीं और न बिगड़ जाये ऐसा सोचकर नेताजी ने चुपचाप उल्टे पांव लौट जाना ही मुनासिब समझा।

















