-महिला पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि ने समाज को दिया नया संदेश, अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत संगठित अपराध, माफियागिरी और अवैध वसूली पर गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने कठोर प्रहार किया है। पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ की जा रही यह निर्णायक कार्रवाई अब जनमानस में सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुकी है। इसी क्रम में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला पुलिस की साहसिक उपलब्धि और एनकाउंटर टीम की वीरता को महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में महापौर ने कहा कि गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने जिस साहस और शौर्य का परिचय दिया है, वह जनपद के गौरव को बढ़ाता है। विशेषकर महिला पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटतीं। यह उपलब्धि न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूती देती है बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी प्रेरणादायक उदाहरण है।
नगर आयुक्त ने कहा कि पुलिस की त्वरित और साहसिक कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पनपा है और गाजियाबाद को भयमुक्त व सुरक्षित बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहीं नंदग्राम की सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडेय, जिनके कुशल पर्यवेक्षण में महिला थाना प्रभारी रीतु त्यागी और उनकी टीम ने एनकाउंटर कर शातिर अपराधी जितेन्द्र को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने महिला पुलिस का हौसला बुलंद किया और समाज में नया संदेश दिया। एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने कहा कि महिला पुलिस को केवल डेस्क जॉब तक सीमित मानने वालों के लिए यह एनकाउंटर एक जवाब है। हमारी महिला पुलिस किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। हम अपराधियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा-चाहे सामने महिला पुलिस ही क्यों न खड़ी हो।
गौरतलब है कि बीते 20 सितंबर को थाना वेब सिटी क्षेत्र में पुलिस ने पचास हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर बलराम को मुठभेड़ में ढेर किया। वहीं 22 सितंबर की रात महिला पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत जितेन्द्र नामक अपराधी को एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर बड़ी सफलता अर्जित की। इन कार्रवाइयों से शहर के व्यापारियों और आमजन का कानून-व्यवस्था पर विश्वास और गहरा हुआ है।
सम्मान समारोह में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अपर पुलिस उपायुक्त क्राइम पीयूष कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त नंदग्राम उपासना पांडेय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार, मुख्य अभियंता एन.के. चौधरी, प्रभारी स्वाट टीम अनिल कुमार राजपूत, महिला थाना अध्यक्ष रीतु त्यागी सहित स्वाट टीम व महिला पुलिस बल की पूरी टीम शामिल रही। महापौर और नगर आयुक्त ने सभी को प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। समारोह के अंत में महापौर ने कहा कि महिला पुलिस द्वारा किया गया यह पहला एनकाउंटर गाजियाबाद के इतिहास में दर्ज होगा। इससे जहां महिला पुलिस का मनोबल बढ़ा है, वहीं अपराधियों के मन में यह भय भी बैठ गया है कि महिला पुलिस भी गोली चला सकती है। यही भय समाज में कानून का सम्मान सुनिश्चित करेगा।

















