उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ जहां केंद्र सरकार सख्त रुख अपना रही है, वहीं गाजियाबाद नगर निगम की महापौर सुनीता दयाल ने शहर में फैले इस नेटवर्क पर सीधा संज्ञान लेते हुए बुधवार को खुद कई झुग्गी बस्तियों का दौरा किया और मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। महापौर ने इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर करार देते हुए कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। महापौर को लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद उन्होंने मंगलवार को वार्ड 16 गढ़ी सिखरोड, वार्ड 50 व 31 सिहानी, वार्ड 7 सुदामापुरी, हाथी पार्क के पीछे इंदिरापुरम, 5 नंबर भट्टा मेरठ रोड और वार्ड 24 महरौली के खेतों में बसी झुग्गियों का निरीक्षण किया। इन इलाकों में बड़ी संख्या में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से निवास कर रहे हैं।
महापौर ने मौके पर पहुंच कर न केवल झुग्गियों की दुर्दशा देखी, बल्कि वहां रह रहे लोगों से बातचीत भी की। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि इन लोगों को एक स्थानीय ठेकेदार अरशद द्वारा बसाया गया है, जो उन्हें काम भी मुहैया कराता है। जब महापौर ने अरशद को बुलाकर पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि झुग्गीवासियों के पास स्थानीय पहचान पत्र नहीं हैं और वे लंबे समय से यहीं काम कर रहे हैं। गढ़ी सिखरोड इलाके में महापौर ने एक स्थानीय व्यक्ति अंकुर चौधरी से भी बातचीत की, जिसने स्वीकार किया कि उसकी निजी भूमि पर ये अवैध बस्तियां बसी हैं। महापौर ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा, यह राष्ट्रविरोधी कार्य है। जिस दिन यही लोग हमारी सुरक्षा के लिए खतरा बन जाएंगे, हम कुछ नहीं कर पाएंगे।
महापौर ने बताया कि कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में डकैती की घटना हुई थी, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में अवैध प्रवासियों की संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चिंता जताई कि किसान अपनी ज़मीन पर बिना जांच के ऐसे लोगों को बसा रहे हैं, जो आगे चलकर शहर की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। महापौर सुनीता दयाल ने इस मुद्दे पर गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर से भी बातचीत की है और उपरोक्त स्थानों की सूची सौंप कर इनकी गहन जांच और आगामी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस विभाग ने इस पर सहमति जताई है और शीघ्र ही इन बस्तियों की जांच शुरू किए जाने की संभावना है। महापौर ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि संबंधित भूमि स्वामियों ने स्वयं झुग्गियां खाली नहीं करवाईं, तो नगर निगम और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और ऐसे किसी भी अवैध कार्य को बढ़ावा न दें।

















