-बिहार से दिल्ली तक फैले नशे के जाल का जीआरपी ने किया भंडाफोड़
-गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर 32 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार से दिल्ली-एनसीआर में गांजा तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। रेलवे स्टेशन के आउटर क्षेत्र में घेराबंदी कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से सूटकेसों में छिपाकर लाया गया 32 किलो गांजा बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत पांच लाख रुपये से ज्यादा आंकी गई है। यह सफलता जीआरपी द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली है। पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार वर्मा और जीआरपी प्रभारी नवरत्न गौतम के नेतृत्व में यह कार्रवाई अंजाम दी गई। रविवार को जीआरपी प्रभारी नवरत्न गौतम को सूचना मिली कि रेलवे लाइन के आउटर पर तीन संदिग्ध लोग सूटकेसों के साथ घूम रहे हैं। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमीनुर रहमान, शाह आलम और एक महिला को दबोच लिया।
तीनों पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के रहने वाले हैं और बिहार से गांजा लेकर राजधानी दिल्ली की ओर जा रहे थे। पूछताछ में पता चला कि ये लोग पेशे से मजदूर हैं, लेकिन नशे के कारोबार से जुड़े गिरोह के लिए सप्लायर का काम करते हैं। गांजा बिहार से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए लाया गया था और गाजियाबाद स्टेशन के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी होने पर उतरकर ऑटो से दिल्ली पहुंचने की योजना थी। इस साहसिक कार्रवाई के बाद शहर में जीआरपी की खूब सराहना हो रही है। आम जनता और रेलवे अधिकारियों ने जीआरपी की तत्परता को समाज को नशे से मुक्त रखने की दिशा में अहम कदम बताया है। स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी टीम को सम्मानित करने की मांग की है।
गिरोह का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल में, करता है रिमोट से ऑपरेट
इस गिरोह का संचालन पश्चिम बंगाल से किया जा रहा था, जहां से एक राजमिस्त्री का ठेकेदार पूरा नेटवर्क चला रहा है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को प्रति खेप आठ से दस हजार रुपये दिए जाते थे। यह गिरोह पिछले कुछ समय से रेलवे नेटवर्क का उपयोग कर दिल्ली-एनसीआर में गांजा की सप्लाई कर रहा था। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के आसपास की सुरक्षा और निगरानी को जीआरपी ने हाल ही में और मजबूत किया है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, आउटर एरिया और यार्ड में लगातार गश्त और संदिग्धों की पहचान के लिए टीमों को तैनात किया गया है। नवरत्न गौतम ने बताया कि अब स्टेशन और ट्रेनों में जांच और सख्त की जाएगी।
अन्य राज्यों तक पहुंचेगी जांच की कड़ी
पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि ये लोग किन-किन राज्यों में सप्लाई कर चुके हैं और इनके संपर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। रेलवे और स्थानीय पुलिस की मदद से पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना बनाई जा रही है।
















