जिस महिला से इंटीरियर डिजाइनर करता था बात वही बनी मौत की वजह, महिला के बॉयफ्रेंड ने साथियों संग की हत्या शरीर को पांच हिस्सों में काटने के बाद नहर में फेंक दी बॉडी

गाजियाबाद। नंदग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत राजनगर एक्सटेंशन से 16 अगस्त को लापता इंटीरियर डिजाइनर तरुण पंवार हत्याकांड का शनिवार को नंदग्राम थाना पुलिस एवं स्वाट टीम नगर जोन की टीम ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने युवती व दो अन्य आरोपितों समेत 3 आरोपी को हत्याकांड में गिरफ्तार किया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव की मौजूदगी में खुलासा करते हुए बताया कि तरूण पंवार जिस महिला से फोन पर बात करता था, उसने अपने बॉयफ्रेंड से यह बात बता दी। आरोपित ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर तरूण की 16 अगस्त को हत्या कर शव बुलंदशहर के बीबीनगर तथा उसके आसपास नहर में पैर काटकर फेंक दिया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने फावड़ा और दरांती से तरूण के शरीर को पांच हिस्सों में काटा और नहर में अलग-अलग स्थानों पर बोरे में भरकर बहा दिया। पुलिस को अभी तक की तलाश में मृतक का दाहिना पैर ही बरामद हो पाया है। बुलंदशहर में उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल अंजलि, उसके बॉयफ्रेंड पवन और पवन के मित्र वंश को गिरफ्तार किया है। इस पूरे हत्याकांड में 9 आरोपित शामिल थे। पुलिस छह आरोपितों की तलाश कर रही है।

डीसीपी सिटी ने बताया कि बुलंदशहर के औरंगाबाद के पास नहर से तरुण का दाहिना पैर बरामद कर लिया है। उसकी बुलंदशहर में डीएनए जांच कराई जा रही है। शरीर के अन्य हिस्सों को बरामद करने के लिए पुलिस एनडीआरएफ के गोताखोरों की मदद ले रही है। उन्होंने बताया कि युवती अंजलि का अपने पति से विवाद के चलते अलग रहती है। राजनगर एक्सटेंशन की ओरा कायमोरा सोसायटी में रहने वाली अंजलि से तरुण नजदीकियां बढ़ा रहा था, उसने यह बात लोनी क्षेत्र में रहने वाले अपने जीजा अक्षय से बताई। अंजलि का कई लोगों से संपर्क है, लेकिन अक्षय सबसे खास है। सोसायटी के मेटेनेंस इंचार्ज से भी महिला के संबंध हैं। अंजलि के साथ अक्षय और पवन ने मिलकर हत्याकांड की पूरी साजिश रची और फिर अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया। बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी दीपांशु जो मोरटा में किराए के मकान रहता है, तरुण को इंटीरियर डिजाइन का काम बताकर साइट दिखाने के लिए बुलाया था। 18 अगस्त को दीपांशु के मकान पर पहले से दीपांशु के साथ पवन, वंश, अंकुर और अंकित मौजूद थे। कमरे में घुसते ही दीपांशु ने तरुण के सिर पर डंडे से वार कर दिया। सिर फटते ही तरुण बेसुध होकर गिर पड़ा। उसके बाद भी उन्होंने तरुण की पिटाई की और वहीं तरुण की मौत हो गई। उसके बाद वंश और दीपांशु तरुण की कार कीया सोनेट लेकर नेहरुनगर पहुंचे और यशोदा अस्पताल के सामने पार्किंग में कार खड़ी कर दी।

रात में करीब 12 बजे वंश और दीपांशु ही तरुण के शव को वैगनआर कार में डालकर ले गए। बुलंदशहर के बीबीनगर में शेहरावाली नहर पर पहुंचकर शव के फावड़े और दराती की मदद से टुकड़े किए और हाथ पैर काटकर वहीं नहर में फेंक दिए जबकि बाकी हिस्सों को सीमेंट के कट्टों में भरकर हापुड़ में बनखंडा गांव के पास नहर में फेंक दिया। वंश और दीपांशु ने तरुण का धड़ लेकर रामगढ़ की झाल पर जाकर नहर में फेंक आए। तीन दिन के अथक प्रयास के बाद पुलिस मृतक का एक पैर ही नहर से बरामद कर पाई है। पुलिस हत्याकांड में फरार छह अन्य अभियुक्तों दीपांशु, अक्षय, जीते, अकुंर, मनोज और अंकित की तलाश में लगी हैं। पूछताछ के आधार पर दबिश दी जा रही हैं,इसके साथ ही नहर में शरीर के अन्य हिस्से बरामद करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। तरूण के जीजा रविंद्र ने बताया था कि 5 अगस्त से मोरटा गांव के पास साइट दिखाने के लिए फोन आ रहे थे।

16 अगस्त को समय निकालकर तरुण मोरटा चला गया। मोबाइल की अंतिम लोकेशन भी उसी इलाके की आई है। 16 अगस्त की शाम नंदग्राम थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तरुण की कार यशोदा अस्पताल की पार्किंग से 16 अगस्त की शाम करीब आठ बजे बरामद हो गई थी। उसके बाद देर रात परिजनों ने नंदग्राम थाना पुलिस से तरुण के अपहरण और अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने 20 अगस्त की रात गुमशुदगी का मामला अपहरण में तरमीम कर लिया था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने एक संदिग्ध से पूछताछ की तब पता चला कि तरूण की 16 अगस्त को ही मोरटी में साइट दिखाने के बुलाकर हत्या कर दी गई थी। तरुण की अंतिम लोकेशन मोरटी की ही आई है, उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।