-जीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक, जल्द पूरा होगा सर्वे
-टीओडी जोन सर्वे को मिलेगी गति, निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार के अवसर
-एनसीआरटीसी और जीडीए में बनी सहमति, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
-मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर के डेढ़ किलोमीटर दायरे में बनेगा अत्याधुनिक स्मार्ट जोन, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अगुवाई में तेज हुई प्रक्रिया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन की दिशा में ठोस कदम उठाने जा रहा है, जो मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। सोमवार को जीडीए सभागार में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में एनसीआरटीसी और कंसल्टेंट फर्म के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में टीओडी नीति-2022 के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई और प्रतिनिधियों द्वारा टीओडी योजना को लेकर प्रस्तुति दी गई।
उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के 1500 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को आधुनिक शहर की परिकल्पना के अनुरूप विकसित किया जाए। इन क्षेत्रों में टीओडी जोनल प्लान के अंतर्गत ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा, जहां लोग आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक सुविधाओं के साथ कदम-दर-कदम चल सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और इसमें कोई प्रशासनिक बाधा न आए। ड्रोन सर्वे, मास्टर प्लान की त्रढ्ढस् फाइल, ट्रैफिक सहयोग और आवश्यक दस्तावेजों की सूची तैयार कर तुरंत उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए। इस योजना के तहत डेढ़ किलोमीटर के दायरे में फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) बढ़ाने और मिक्स्ड लैंड यूज की छूट देने का प्रस्ताव है, ताकि निजी क्षेत्र को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह न केवल आधुनिक शहरी जीवनशैली को बढ़ावा देगा, बल्कि गाजियाबाद में रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों के भी नए द्वार खोलेगा। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि यह योजना शहर की दशा और दिशा दोनों को बदल देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीओडी जोन केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना नहीं, बल्कि शहर को एक स्मार्ट, टिकाऊ और आत्मनिर्भर शहरी मॉडल में ढालने की रणनीति है।
बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, सीएटीपी अरविंद कुमार, एनसीआरटीसी के आरके सिंह, शुशांत शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि आने वाले दिनों में इस योजना के सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को तेजी से क्रियान्वित किया जाएगा, ताकि लोगों को टीओडी जोन का लाभ शीघ्र मिल सके। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि टीओडी ज़ोन शहरी जीवन को सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों में इस मॉडल की सफलता को देखते हुए गाजियाबाद में भी इसे अपनाकर शहर को नई ऊंचाई दी जाएगी। सार्वजनिक परिवहन के इर्द-गिर्द केंद्रित यह योजना न केवल यातायात के दबाव को कम करेगी, बल्कि नागरिकों को वॉकिंग फ्रेंडली, हरित और आत्मनिर्भर जीवनशैली भी प्रदान करेगी।
ड्रोन सर्वे से होगी योजना की सटीक शुरुआत
प्रस्तावित क्षेत्रों की पहचान और प्लानिंग के लिए जल्द ही ड्रोन सर्वे की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए कंसल्टेंट फर्म को जरूरी त्रढ्ढस् फाइल्स, ट्रैफिक सहयोग, भूमि उपयोग संबंधी डेटा और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सचिव और सीएटीपी को निर्देश दिए कि सभी जरूरी दस्तावेज शीघ्र मुहैया कराकर सर्वे प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
एफएआर और मिक्स्ड लैंड यूज से निवेश को मिलेगा बल
अतुल वत्स ने बताया कि प्रस्तावित टीओडी जोन में उच्च फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) और मिक्स्ड लैंड यूज की सुविधा दी जाएगी, जिससे निजी निवेशकों और बिल्डर्स को अधिक अवसर मिलेंगे। इससे जहां एक ओर गाजियाबाद में आवासीय और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
गाजियाबाद को मिलेगा नया शहरी चेहरा
टीओडी जोन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग कर कम दूरी पर अधिक सुविधाएं देना, यातायात दबाव को कम करना और स्मार्ट, पैदल चलने योग्य समुदाय का निर्माण करना है। दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों की सफलता को देखते हुए गाजियाबाद भी अब इस बदलाव की दहलीज पर खड़ा है।

















