-मुख्यमंत्री के आदेश पर धर्मार्थ विभाग से होगा ट्रांसफर, एमओयू के बाद होगी नई शुरुआत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित भव्य कैलाश मानसरोवर भवन अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधीन आने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश के बाद धर्मार्थ कार्य विभाग इसे जीडीए को हस्तांतरित करेगा। भवन का रखरखाव, संचालन और सदुपयोग अब पूरी तरह जीडीए के जिम्मे होगा। इस संबंध में जीडीए और धर्मार्थ विभाग के बीच एमओयू (सहमति ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। सोमवार को इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत करते हुए जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर सचिव राजेश कुमार सिंह ने कैलाश मानसरोवर भवन का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता राजीव सिंह एवं अभियंत्रण अनुभाग की टीम मौजूद रही।
अधिकारियों ने भवन की संरचना, रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं और उसके बेहतर उपयोग की संभावनाओं का आकलन किया। करीब 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस भवन का निर्माण धर्मार्थ विभाग द्वारा कराया गया था, जो अब जीडीए की देखरेख में आएगा। यह भवन न केवल धार्मिक यात्राओं के लिए बल्कि शहर के पर्यटन, सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक उपयोग के लिहाज से भी बेहद अहम है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, वर्ष में चार माह तक यह भवन कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए सुरक्षित रहेगा, जबकि बाकी आठ महीनों में इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। पहले इसका संचालन पर्यटन विभाग द्वारा किया जाना था, लेकिन अब यह जिम्मेदारी जीडीए को सौंपी जाएगी।
जल्द ही जीडीए ऐसी प्राइवेट एजेंसियों को आमंत्रित करेगा, जो इस भवन का संचालन करने में इच्छुक हों। जीडीए इस भवन को धार्मिक भावना के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एक आदर्श सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है, जिससे गाजियाबाद को एक नई पहचान और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिल सके। इस कदम को न केवल प्रशासनिक कुशलता की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है, बल्कि इससे शहर में धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा भी मिलेगा। आने वाले समय में यह भवन गाजियाबाद के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
















